Dholpur में बाल कल्याण समिति की कार्रवाई, दो दर्जन बाल श्रमिक मुक्त

राजस्थान की धौलपुर जिले की बाल कल्याण समिति (children welfare society) से चाइल्ड लाइन (child line) और श्रम (labour) विभाग को साथ लेकर सैपऊ (saipau) कस्बे में करीब दो दर्जन बाल (child) श्रमिकों (labours) को मुक्त कराया है. 

Dholpur में बाल कल्याण समिति की कार्रवाई, दो दर्जन बाल श्रमिक मुक्त
बच्चों को मुक्त कराकर परिजनों के सुपुर्द तर दिया गया है.

धौलपुर: राजस्थान की धौलपुर जिले की बाल कल्याण समिति (children welfare society) से चाइल्ड लाइन (child line) और श्रम (labour) विभाग को साथ लेकर सैपऊ (saipau) कस्बे में करीब दो दर्जन बाल (child) श्रमिकों (labours) को मुक्त कराया है. बाल कल्याण समिति की ओर से अचानक की गई कार्रवाई से दुकानदार और कारोबारियों में हड़कंप मच गया.

कार्रवाई से डरकर दुकान छोड़कर भागे-
धौलपुर जिले की बाल कल्याण समिति ले चाइल्ड लाइन एवं श्रम विभाग को साथ लेकर सैपऊ कस्बे में करीब दो दर्जन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. बाल कल्याण समिति द्वारा अचानक की गई कार्रवाई से डरकर कस्बे के कुछ दुकानदार और प्रतिष्ठान संचालक दुकानों को बंद करके भाग गए. बाल श्रमिकों को मुक्त कराकर समिति ने नियम के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की है. बच्चों को मुक्त कराकर परिजनों के सुपुर्द तर दिया गया है.

परिजनों को किया पाबंद-
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रवि पचौरी ने बताया कि "चाइल्डलाइन और श्रम विभाग को शिकायत मिल रही थी कि कस्बे में परचून की दुकान चलाने वाले, फास्ट फूड संचालक, हार्डवेयर के दुकानदार और कई मकैनिक अपनी-अपनी दुकानों में बच्चों से मजदूरी करा रहे हैं." शिकायत का चाइल्ड लाइन और श्रम विभाग ने भौतिक सत्यापन कराया. चाइल्ड लाइन और श्रम विभाग की टीम करीब एक हफ्ते से कस्बे में रैकी कर बाल श्रमिकों को चिन्हित कर रही थी. आज बुधवार को कस्बे के मुख्य बाजार में बाल कल्याण समिति ने चाइल्डलाइन, श्रम विभाग और पुलिस के सहयोग से कस्बे की दुकानों पर काम कर रहे करीब दो दर्जन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. 

उन्होंने बताया कि "कस्बे के अंदर बच्चे कई दुकानों पर काम कर रहे थे, उनमें से कई जगह पर तो काम करना बच्चों के लिए बेहद खतरनाक भी था." बाल कल्याण समिति ने पुलिस बल को साथ लेकर छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया है. कार्रवाई के दौरान बाल कल्याण समिति ने करीब दो दर्जन बाल श्रमिकों को मुक्त करा कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है. बच्चों के हित को देखते हुए परिजनों को बाल मजदूरी नहीं कराने के लिए पाबंद भी किया है. उसके साथ ही बच्चों द्वारा बाल मजदूरी कराने वाले आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है. कार्रवाई के दौरान चाइल्डलाइन टीम की कोऑर्डिनेटर रीना सहित श्रम विभाग के विमल प्रताप मौजूद रहे.

रिपोर्ट- भानु शर्मा, धौलपुर
स्क्रिप्ट- सतेंद्र यादव

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