बारां: कड़ाके की सर्दी के चलते दो किसानों की मौत

किसानों को रात में सिंचाई के लिए दी जा रही बिजली अब जान लेने लगी है. यह सच पूरे सिस्टम को झकझोंरने के लिए काफी है, लेकिन जिम्मेदारों की कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही. 

बारां: कड़ाके की सर्दी के चलते दो किसानों की मौत
बारां जिले में शीतलहर के बीच कड़ाके की सर्दी

बारां: किसानों को रात में सिंचाई के लिए दी जा रही बिजली अब जान लेने लगी है. यह सच पूरे सिस्टम को झकझोंरने के लिए काफी है, लेकिन जिम्मेदारों की कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही. बारां जिले में शीतलहर के बीच कड़ाके की सर्दी से घरों पर बैठे हुए लोग ठिठुर रहे हैं. लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है. इन्हीं सर्द रातों में किसानों को सिंचाई के लिए बिजली दी जा रही है. तीन दिन में रात को दो किसानों की मौत हो चुकी है.

जिले में हाड़ कंपकंपा देने वाली सर्दी में जब रात को तापमान 5 से 6 डिग्री पर पहुंच रहा है... सुबह ओस की बूंदें जमने लगी हैं. लोगों को गर्म कपड़ों में भी कंपकंपी छूट रही है. ऐसे में रात को बिजली देने का सिस्टम किसानों के लिए आफत बनता जा रहा है. जिले में चार ब्लॉक में बिजली दी जाती है. दो ब्लॉक में रात को बिजली आती है. किसान ऐसी हाड़कंपाती सर्दी में अपने खेतों पर सिंचाई के लिए पानी देते रहते हैं.

जब सर्दी सहन नहीं होती है, तो उनकी मौत हो जाती है. दिन में बिजली दिए जाने की मांग किसान सालों से करते आ रहे हैं, लेकिन अभी केवल दो ब्लॉकों में ही दिन में बिजली दी जाती है. करीब 6 से 7 हजार किसानों को रात में बिजली दी जा रही है. किसानों के लिए यह बड़ी परीक्षा का समय होता है.

जिले में पड़ रही कड़ाके की सर्दी से किसानों को राहत दिलाने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं बारां-अटरू विधायक पानाचंद मेघवाल ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री एवं सीएमडी विद्युत विभाग को पत्र लिखकर थ्री फेज बिजली की आपूर्ति रात के स्थान पर दिन में दिए जाने की मांग कर चुके हैं. 

अटरू थाना क्षेत्र के कुंजेड़ गांव में गेहूं की फसल की सिंचाई करते समय सर्दी लगने से बुधवार अल सुबह कुजेड़ निवासी किसान चतुर्भुज गुर्जर  की मृत्यु हो गई. उधर, बोहत में किसान रामरतन बैरवा मवेशियों से फसल बचाने के लिए मंगलवार रात को खेत पर ही था. उसकी सर्दी के कारण मृत्यु हो गई.