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राजस्थान: मेडिकल कॉलेज में 15 दिनों में रैगिंग के 2 मामले आए सामने, छात्र हुए निलंबित

भरतपुर के सरकारी मेडिकल मेडिकल कॉलेज के अलावा भीलवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की जूनियर छात्राओं के साथ रैगिंग की घटना हुई थी.

राजस्थान: मेडिकल कॉलेज में 15 दिनों में रैगिंग के 2 मामले आए सामने, छात्र हुए निलंबित
(प्रतीकात्मक फोटो)

भरतपुर: राजस्थान में 15 दिनों के भीतर मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग के दो मामले सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. भरतपुर के सरकारी मेडिकल मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का पहला मामला सामने आया था. इसके अलावा भीलवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की जूनियर छात्राओं के इस तरह की घटना हुई थी.

भरतपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में रैगिंग के दौरान कॉलेज के सीनियर छात्रों ने छह जूनियर छात्रों को कतार में खड़ा किया. फिर उन्हें मुर्गा बनने को विवश किया गया. जानकारी मिलने के बाद मेडिकल क़ॉलेज प्रशासन ने दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की है.

भरतपुर मामले में कॉलेज प्रशासन ने आरोपी छात्रों के पूरे बैच को सस्पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इसमें 2018 बैच के छात्र शामिल थे. इसके अलावा साथ ही उनसे हॉस्टल भी खाली करा लिया गया है. कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा में बैठ रहे छात्रों को ही हॉस्टल में रुकने की छूट दी है. 

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कॉलेज प्रशासन की इस कार्रवाई से यह साफ हो रहा है कि कॉलेज प्रशासन ने भी जूनियर छात्रों के साथ रैंगिंग की बात मान ली है. इस घटना पर रैगिंग के आरोपी छात्रों पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद कार्रवाई हुई है. इस पूरे मामले की जानकारी जिला कलेक्टर व एसपी सहित मेडीकल एजेकेशन सेकेट्री हेमन्त गैरा व मंत्री को भी दी गई है.

15 दिन पहले भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में हुई थी रैगिंग
इससे पहले भीलवाड़ा के विजया राजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की घटना सामने आई थी. कॉलेज में रैंगिग के नाम पर जूनियर छात्राओं को आधी रात को प्रताड़ित किया गया. इस दौरान पड़ताल में यह सामने आया कि सीनियर छात्राएं पहले जूनियर्स के कक्ष का दरवाजा खटखटाया. ऊपर के कक्ष में मिटिंग करने के बहाने जूनियर छात्रों को बुलाया गया.

इसके बाद सीनियर छात्राओं ने मोबाइल पर फिल्मी धुन बजवाकर जूनियर छात्राओं नाचने-गाने को कहा. सीनिय़र की बात नहीं मानने के बाद उन्हें सजा भी दी गई. सजा के तौर पर जूनियर छात्राओं को रात 12 बजे तक हॉल के भीतर ही खड़ा रखा गया. इस मामले में एक छात्रा के परिजन ने प्राचार्य को लिखित शिकायत की थी. जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी.

(WRITTEN BY- सुजीत निरंजन)