जयपुर के व्यापार मंडलों में वर्चस्व की जंग, निगम की तरह बने दो संगठन

चारदीवारी के व्यापार मंडलों का शहर के अन्य व्यापार मंडलों के मुद्दों पर साथ नहीं देने पर नया संगठन अस्तित्व में आया है.

जयपुर के व्यापार मंडलों में वर्चस्व की जंग, निगम की तरह बने दो संगठन
52 व्यापार मंडलों ने अलग से अपना नया संगठन जयपुर व्यापार मंडल के नाम से बनाया है

अंकित तिवाड़ी/जयपुर: राजस्थान के जयपुर(Jaipur) शहर में अब व्यापार मंडलों की आंतरिक राजनीति तेज हो गई है. चारदीवारी के व्यापार मंडलों का शहर के अन्य व्यापार मंडलों के मुद्दों पर साथ नहीं देने पर नया संगठन अस्तित्व में आया है. 52 व्यापार मंडलों ने अलग से अपना नया संगठन जयपुर व्यापार मंडल के नाम से बनाया है. नया संगठन अवैध पार्किंग, यातायात जाम, गंदगी, नियमन सहित कई मुद्दे उठाने की तैयारी में है. नए संगठन में रवि कुमार नैयर, सुरेश सैनी, पवन कुमार गोयल, डॉ ललित सिंह सांचोरा सक्रिय भूमिका में हैँ। नए संगठन का पंजीयन सहकारिता विभाग में करवाया गया है.

52 व्यापार मंडलों का अपना संगठन
जयपुर व्यापार महासंघ के अलावा भी अब शहर में व्यापारियों की आवाज उठाने के लिए अन्य संगठन होगा. चारदीवारी के बाहर के 52 व्यापार मंडलों ने अलग से अपना संगठन जयपुर व्यापार मंडल बनाया है. इसके पहले अध्यक्ष डॉ ललित सिंह सांचोरा है. इस व्यापार मंडल में आदर्श बाजार व्यापार मंडल, वैशाली नगर, झोटवाड़ा, एमआई रोड, बाईस गोदाम, बजाज नगर, खातीपुरा, मानसरोवर, सोडाला, राजापार्क, टोंक रोड, सीकर हाउस, रामगंज व्यापार मंडल के नाम शामिल है.

समस्याएं अपार
नया संगठन उन दूकानों को भी नियमित करवाने का आंदोलन छेड़ेगा जो आवासीय परिसरों में संचालित हो रही है. साथ ही, कोचिंग सेंटर्स के बाहर अवैध पॉकिंग, व्यापार मंडल के साथ जुड़े व्यापार क्षेत्र में गंदगी, यातायात जाम के मसलों का भी प्रशासन,निवासियों और व्यापारियों के साथ मिलकर हल निकालने का प्रयास करेगा. जयपुर व्यापार मंडल के संरक्षक सुरेश सैनी का कहना है कि इससे चारदीवारी के बाहर के बाजारों की समस्याओं को सुलझाने और समझने में मदद मिलेगी. आने वाले दिनों में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा. संरक्षक पवन कुमार गोयल का कहना हैं कि शहर बढ़ने के साथ कारोबार भी बढ़ा है. जयपुर शहर के बजाय बाहर के व्यापार मंडलों की समस्याएं अलग हैं. ऐसे में अलग से संगठन बनाने से इनकी समस्याओं को भी सुलझाया जाएगा.

समाधान की उम्मीद
जयपुर(Jaipur) में अब नगर निगम भी दो होंगे, जो हेरिटेज और ग्रेटर जयपुर(Jaipur) का नेतृत्व करेंगे. ऐसे में व्यापारिक समस्याओं को सुलझाने के लिए व्यापार मंडलों का विस्तृत होता दायरा मददगार साबित हो सकता है. उम्मीद की जा सकती हैँ नया संगठन केवल कागजी नहीं होगा, धरातल पर भी कारोबारियों की समस्याओं का हल होने की संभावनाएं दिखाई देंगी.