उदयपुर: शिल्पग्राम महोत्सव तैयारियों में जुटा प्रशासन, राज्यपाल करेंगे उद्घाटन

शिल्पग्राम महोत्सव में देश की कला और संस्कृति को इस बार नए कलेवर में पेश करने की तैयारी की गई है. जिससे उत्सस्व में आने वाले लोगों को एक भारत श्रेष्ठ भारत का वास्तविक स्वरूप दिख सके.

उदयपुर: शिल्पग्राम महोत्सव तैयारियों में जुटा प्रशासन, राज्यपाल करेंगे उद्घाटन
महाकुंभ का आगाज प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र करेंगे.

अविनाश जगनावत/उदयपुर: लेकसिटी उदयपुर की पिजा एक बार फिर लोक कला और संस्कृति के रंग में रंगने वाली है. पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित होने वाले शिल्पग्राम महोत्सव को लेकर इन दिनों तैयारियां युद्द स्तर पर चल रही है. लोक कला और संस्कृति के इस महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यो के सैंकड़ों कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे.

बता दें कि नीली झीलों का शहर और राजस्थान का कश्मीर कहे जाने वाल उदयपुर शहर देश-दुनिया मे अपनी अलग पहचान रखता है. साल के अंत में शहर के शिल्प ग्राम प्रांगण में आयोजित होने वाला लोक कला और संस्कृति का महाकुंभ शिल्पग्राम महोत्व शहर की नई पहचान बन गया है. 21 दिसम्बर से आयोजित होने वाले इस महाकुंभ का आगाज प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र करेंगे. 

दस दिन तक चलने वाले शिल्पग्राम महोत्सव में इस बार 21 राज्यो के 700 लोक कलाकार और 800 शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. शिल्पग्राम महोत्सव में देश की कला और संस्कृति को इस बार नए कलेवर में पेश करने की तैयारी की गई है. जिससे उत्सस्व में आने वाले लोगों को एक भारत श्रेष्ठ भारत का वास्तविक स्वरूप दिख सके. साथ ही, विभिन्न राज्यों के आदिवासी समाज के पारंपरिक नृत्य और वाद्य यंत्रों का भी प्रदर्शन किया जाएगा.

वैसे तो शिल्पग्राम महोत्सव के दौरान पूरे दिन रंगारंग संस्कृति कार्यक्रमो का आयोजन होगा. लेकिन हर रोज शाम को मुक्ताकाशी रंगमंच पर दीश के कोने कोने से आए लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. जिसमें मुख्य रूप से नागालैंड का बाई मेजेयी, महाराष्ट्र का मलखम्भ, लावणी नृत्य, ओडिशा के ओडिसी, गोतीपुआ, सम्बलपूरी नृत्य और त्रिपुरा का होजागिरी सहित कई लोक कलाकार अपने नृत्यों को प्रस्तूत करेंगे. वही, इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमो में लोक वाद्य यंत्रों से आम लोगो को रूबरू कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.