उदयपुर: कर्ज नहीं चुकाया तो बैंक अधिकारियों ने सीज किया बीजेपी नेता का बंगला

मोतीलाल डांगी द्वारा यह आदेश बैंक के अधिकारियों को भी दिखाया गया लेकिन बैंक अधिकारियों ने मकान मालिक पर कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से परिभाषित करने का आरोप लगाते हुए अपनी कार्रवाई पुरी की. 

उदयपुर: कर्ज नहीं चुकाया तो बैंक अधिकारियों ने सीज किया बीजेपी नेता का बंगला

उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में आजआईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. अपनी कार्रवाई में बैंक अधिकारियों ने बीजेपी नेता मोतीलाल डांगी के बंगले को सीज कर दिया. दरअसल, बैंक के करीब 3 करोड़ 58 लाख रूपये लोन बकाया होने के चलते बैंक के अधिकारी भाजपा के जिला महामंत्री मोतीलाल डांगी का घर सीज करने पहुंचे. इससे पहले पुलिस विभाग से भी घर को सीज करने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जाब्ता मंगवाया गया था. 

भुपालपुरा थाने के अधिकारी समेत भारी जाब्ता सीजींग की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजुद रहा. कार्रवाई के दौरान बैंक अधिकारियों ने मोतीलाल डांगी को घर बुलाया और उनकी मौजुदगी में घर में रखे सारे सामान का चिट्ठा तैयार किया. घर के सभी कमरों को सीज करते हुए मुख्य द्वार पर भी सीजींग की कार्रवाई को पुरा किया गया. कार्रवाई के दौरान ट्विस्ट तब आया जब मोतीलाल डांगी ने कोर्ट के एक आदेश की प्रति बैंक अधिकारियों को दी जिसमें कोर्ट द्वारा 31 मई तक का समय निर्धारित किया हैं जिसमें बकाया राशि नहीं चुकाने पर 31 मई के बाद कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. 

मोतीलाल डांगी द्वारा यह आदेश बैंक के अधिकारियों को भी दिखाया गया लेकिन बैंक अधिकारियों ने मकान मालिक पर कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से परिभाषित करने का आरोप लगाते हुए अपनी कार्रवाई पुरी की. दुसरी ओर मोतीलाल डांगी ने इस पुरे मामले में फिर से कोर्ट की शरण में जाने की बात कही है. 

आपको बता दें कि अक्टूबर 2017 में भी बैंक कर्मचारियों ने डांगी के बंगले को सीज किया था लेकिन एक नाटकीय अंदाज में डांगी अपने घर से ही बाहर निकले. ऐसे में सीज की कार्रवाई फेल हो गई. ऐसे में बैंक ने एक बार फिर न्यायालय की शरण ली और डांगी के मकान को न्यायालय के आदेश के बाद सीज किया.