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उदयपुर: 2 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ तीरंदाजी एकेडमी का निर्माण, खिलाड़ी मायूस

प्रदेश के टीएसपी क्षेत्र में तीरंदाजी खेल को बढ़ावा देने व तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने डूंगरपुर जिले में तीरंदाजी एकेडमी की घोषणा की थी. 

उदयपुर: 2 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ तीरंदाजी एकेडमी का निर्माण, खिलाड़ी मायूस
बजट जारी नहीं होने से करीब डेढ़ साल पहले ही एकेडमी का काम रुक गया.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने के लिए शुरू की तीरंदाजी एकेडमी का काम सालो बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. सरकार की ओर से बजट नहीं मिलने के कारण एकेडमी का काम अधुरा पड़ा है. वहीं जो निर्माण हुआ वह भी घटिया हुआ है ऐसे में तीरंदाजी एकेडमी का काम पूरा नहीं होने पर तीरंदाजी प्रतिभाओ के आगे बढ़ने का सपना अब सिर्फ सपना ही नजर आ रहा है.

प्रदेश के टीएसपी क्षेत्र में तीरंदाजी खेल को बढ़ावा देने व तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने डूंगरपुर जिले में तीरंदाजी एकेडमी की घोषणा की थी. घोषणा के बाद डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में आरएसआरडीसी ने एकेडमी का काम भी शुरू किया, लेकिन समय पर बजट जारी नहीं होने से करीब डेढ़ साल पहले ही एकेडमी का काम रुक गया जो की आज भी बंद पड़ा है. वहीं जो काम आरएसआरडीसी ने करवाया वह काम भी घटिया किया. घटिया काम होने से एकेडमी की दीवारों में दरार आ गई है वही फर्श भी जगह-जगह से धस गई है. घटिया निर्माण की शिकायत स्थानीय खेल विभाग ने जिला प्रशासन व राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद को भी लेकिन शिकायत के बाद भी कार्यकारी एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. 

इधर तीरंदाजी एकेडमी का काम बजट का अभाव में अटका होने पर डूंगरपुर जिले सहित टीएसपी क्षेत्र की तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने का सपना टूटता नजर आ रहा है. खिलाडियों व प्रशिक्षको का कहना है की समय पर एकेडमी का काम पूरा नहीं होने से तीरंदाजी प्रतिभाओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है. अगर तीरंदाजी एकेडमी का काम समय पर पूरा होता तो इसका फायदा जहा खिलाडियों को मिलता वही क्षेत्र का भी नाम होता. ऐसे में खेल प्रतिभाओं ने तीरंदाजी एकेडमी के लिए जल्द बजट जारी करते हुए काम को पूरा करवाने की मांग की है. 

बरहाल राज्य सरकार की ओर से बजट नहीं मिलने से अटके पड़े तीरंदाजी एकेडमी के काम से तीरंदाजी की प्रतिभाओं को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. ऐसे में अब देखना होगा की सरकार खिलाडियों के हित में  इस काम को पूरा करवाने के लिए कब तक बजट जारी करती है. या बजट के अभाव में तीरंदाजी के क्षेत्र में अपने क्षेत्र व प्रदेश का नाम रोशन करने का सपने लिए इन प्रतिभाओं को और कब तक इन्तजार करना पड़ेगा.