स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटा उदयपुर, नगर निगम ने की खास तैयारियां

सर्वे के लिए जब टीमें शहरों में पहुंचेगी तो किसी को भी इसकी जानकारी नहीं होगी. टीम के सदस्य सीधा जनता से संवाद कर शहर की स्थिति का आंकलन करेगें. 

स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटा उदयपुर, नगर निगम ने की खास तैयारियां

उदयपुर/ अविनाश जगनावत: राजस्थान का झीलों का शहर उदयपुर देशी विदेशी सैलानियों के साथ आसमान में उड़ने वाले परिन्दों की भी पहली पसंद है. कई बार दुनिया के सबसे खुबसुरत शहरों में शूमार हो चूका उदयपुर शहर एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण की कसौटी पर खरा उतरा है. चार जनवरी से देश में शुरू हुए स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर उदयपुर नगर निगम एक बार फिर से तैयारियो में जुटा हुआ है. निगम प्रबंधन की ओर से वो तमाम प्रयास किए जा रहे हैं जो सर्वे में शहर को अच्छी रैंक दिला पाए. इसलिए सर्वेक्षण में शामिल किए गए कई बिन्दूओं पर निगम प्रशान खरा उतरने का दांवा भी कर रहा है. लेकिन कई बिन्दू ऐसे भी हैं जो शहर की स्वच्छता रैंकिंग को प्रभावित करने के साथ रैंकिंग में पछाड़ भी सकते हैं. 

कुछ ऐसे मामले हैं जहां उदयपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ सकता है लेकिन निगम महापौर चन्द्रसिंह कोठारी की माने तो हर स्तर पर तेजी से सुधार किया जा रहा है और इस बार भी वे अपने लक्ष्य तक जरूर पहूंचेंगे. इस बार होने जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण की मुख्य बात यह है कि सर्वे इस बार पूरी तरह से गोपनिय होने वाला है. 

सर्वे के लिए जब टीमें शहरों में पहुंचेगी तो किसी को भी इसकी जानकारी नहीं होगी. टीम के सदस्य सीधा जनता से संवाद कर शहर की स्थिति का आंकलन करेगें. हालांकि, इसके बाद भी निगम में विपक्ष की भूमिका निभा रहे कांग्रेस पार्टी के पार्षद इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं. उनका साफ कहना है कि इस बार भी स्वच्छता के नाम पर शहर की जनता से धोखा होगा और निगम हर बार की तरह इस बार भी अपनी कमजोरियों को आसानी से छिपा लेगा. 

झीलों के शहर के नाम से देश दूनिया में विख्यात उदयपुर शहर दूनिया भर में विभिन्न स्तरों पर हुए सर्वे में नम्बर वन रैंक हासिल कर चूका है लेकिन देश के अन्दर हो रहे सरकार के स्वच्छता सर्वे पर उदयपुर शहर कितना खरा उतरेगा यह देखना दिलचस्प होगा.