close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

उदयपुर: पालना गृह में छोड़ी गई नवजात कन्या को मिला बाल कल्याण समिति का आसरा

इस पालना गृह की यह छठी मेहमान थी. जिसे कर्मचारियों ने औरों की तरह अंदर ले जाकर शिशु वार्ड में इसका स्वास्थ परीक्षण किया.

उदयपुर: पालना गृह में छोड़ी गई नवजात कन्या को मिला बाल कल्याण समिति का आसरा
बाल कल्याण समिति नवजात शिशुओ के लिए जीवन दान बन चुकी है.

दीपक व्यास/चित्तौडगढ़: कन्या भ्रूण हत्या और नवजात बच्चियों को लावारिस छोड़ने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है. चित्तौड़गढ जिला चिकित्सालय के पालना गृह में दो दिन पूर्व छोड़ी गई नवजाव कन्या को बाल कल्याण समिति का आसरा मिला है. 

मासूम और सुंदर दिखने वाली नवजात बच्ची को कलयुगी मां अपना आंचल का सहारा देने के बजाय जिला चिकित्सालय के पालना गृह में लावारिस अवस्था में छोड़ कर चली गई जिसके बाद पालना गृह की घंटी बजने पर चिकित्सालय कर्मचारी दौड़ पालना गृह की ओर दौड़ पड़े. वहाx जाकर देखा तो एक प्यारी से नवजात बच्ची अपनी मां के किये पर आंसू निकाल रही थी. 

इस पालना गृह की यह छठी मेहमान थी. जिसे कर्मचारियों ने औरों की तरह अंदर ले जाकर शिशु वार्ड में इसका स्वास्थ परीक्षण कर उसे आज बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया. आठ दिन पूर्व जन्मी यह बच्ची बाल कल्याण समिति की सबसे सुंदर बच्ची बताई जा रही है. जिसे यहां के सदस्य मां का दुलार देने का पूरा प्रयास कर रहे है.

नवजात कन्या को पालना गृह छोड़ने में जिस मां के हाथ कांपे तक नहीं अब उसी मासूम बच्ची को पालने के लिये बाल कल्याण समिति उसका परिवार बन चुका है. बच्ची का सदस्यों सहित मौजूद अन्य अनाथ बच्चों के साथ उसका लालन पालन किया जा रहा है. 

समिति में दादी से लेकर मां की देखरेख में उसकी परवरिश की जा रही है. बाल कल्याण समिति नवजात शिशुओ के लिए जीवन दान बन चुकी है. जहां अब तक आधा दर्जन से अधिक ऐसे बच्चों का लालन पालन करने के साथ ही उन्हें निःसंतान दम्पत्तियों द्वारा अपनाया जा चुका है.