Udaipur News: आयोजित हुई Rajasthan Vidyapeeth Academic Council की बैठक, हुए ये फैसले

कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत (S.S. Sarangdevot) की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में कई नये पाठ्यक्रमों को संचालित करने की स्वीकृति दी गई. 

Udaipur News: आयोजित हुई Rajasthan Vidyapeeth Academic Council की बैठक, हुए ये फैसले
एकेडमिक काउंसिल की बैठक रविवार को प्रतापनगर परिसर में आयोजित की गई.

Udaipur: जिले के जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ (Rajasthan Vidyapeeth Academic Council ) (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) की एकेडमिक काउंसिल की बैठक रविवार को प्रतापनगर परिसर में आयोजित की गई. 

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कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत (S.S. Sarangdevot) की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में कई नये पाठ्यक्रमों को संचालित करने की स्वीकृति दी गई. प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि विद्यापीठ द्वारा मार्च माह में पंजाब (Punjab) के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनोर को डी. लिट. की मानद उपाधि से नवाज़ा जाएगा. दिनांक 09 अप्रैल 2019 से 05 फरवरी, 2021 के मध्य उत्तीर्ण 1609 उपाधियां प्रदान की जायेंगी, जिसमें 94 पीएचडी धारकों, 1516 स्नातक एवं स्नातकोत्तर उत्तीर्ण तथा वर्ष 2019 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 35 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान करने की उत्तर स्वीकृति प्राप्त की गई. 

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विद्यापीठ द्वारा निर्मित संग्रहालय का भी विस्तार किया जाएगा, जिसमें राजस्थान विद्यापीठ (Rajasthan Vidyapeeth) का इतिहास, विभिन्न राज्यों की भारतीय कला एवं संस्कृति, प्रागैतिहासिक राजस्थान, शैलचित्र और प्राचीन मुद्राओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा. इसे आमजन के लिए खोले जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति के दस साल का रोड मैप बनाकर पाठ्यक्रमों को संचालित किया जाएगा. इस शिक्षा नीति के चार कम्पोनेंट है. पहला विद्यालयी शिक्षा, दूसरा उच्च शिक्षा, तीसरा शोध का है. चौथा कम्पोनेंट नियामक से जुड़ा हुआ है कि देश की शिक्षा किस तरह संचालित हो. शोध आधारित विश्वविद्यालय का भी नयी शिक्षा नीति में प्रावधान है, जिससे देश में पब्लिकेशन, रिसर्च को और मजबूती मिले. साथ ही गुणवत्ता पूर्ण शोध एवं प्रकाशन पर कार्य किया जाये. नये कोर्सों में फायर एण्ड सेफ्टी मैनेजमेंट, डिजिटल मार्केटिंग पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की गई.

प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि विद्यापीठ में संचालित होने वाले सभी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी विद्यापीठ के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जन भारती केन्द्रों पर शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकार, पर्यावरण से जुडकर कम्युनिटी की सेवा करेंगे. संचालन पी.जी. डीन प्रो. जीएम मेहता ने किया. रजिस्ट्रार डॉ. हेमशंकर दाधीच सहित विभागों के डीन, डायरेक्टर सहित विभागाध्यक्ष मौजूद थे.  

इन कोर्स एवं विभाग को किया प्रारंभ
फिजियोथेरेपी चिकित्सा महाविद्यालय (Physiotherapy Medical College) के अन्तर्गत गेरियेट्रिक्स फिजियोथेरेपी केयर, न्यूरोलॉजिकल रिहेबिलिटेशन, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, होम्योपेथी चिकित्सा के अन्तर्गत कोग्नीटिव बिहेवियर थेरेपी पेक्टीशनर, होम्योपेथिक डर्मेटोलॉजी, एडवांस होम्योपैथी, एग्रीकल्चर महाविद्यालय में नये विभाग जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रिडिंग, एग्रोनॉमी, प्लांट पेथोलॉजी, एन्टोमोलॉजी, सोईल साइंस एवं एग्रीकल्चर केमेस्ट्री तथा होर्टिकल्चर और सोइल साइंस प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई. विज्ञान संकाय के अन्तर्गत स्टेटी स्टीक्स, एनवारमेंटल साइंस और बायो इर्न्फोमेटिक्स में एम. एससी कोर्स प्रारंभ प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई. इसके साथ साइंस और टेक्नालॉजी में रिसर्च जर्नल प्रांरभ करने की स्वीकृति दी गई. विभिन्न अकादमिक संस्थानों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ एमओयू करने की स्वीकृति दी गई.

Reporter- Avinash Jagnawat