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उदयपुर: अस्पताल जाकर यह वृद्ध कुछ इस तरह करते हैं रोगियों के स्वस्थ होने की कामना

गांव पुठोली निवासी उंकार दास सवेरे जिला चिकित्सालय के प्रत्येक वार्ड, कक्ष में मौजूद प्रत्येक रोगी को गंगाजल पिलाकर उनके स्वस्थ्य होने की कामना करते है. 

उदयपुर: अस्पताल जाकर यह वृद्ध कुछ इस तरह करते हैं रोगियों के स्वस्थ होने की कामना
उकारदास ने 2003 में जिला चिकित्सालय में भर्ती रोगियों को तुलसी और गंगाजल देना प्रारम्भ किया था.

दीपक व्यास/चित्तौडगढ़: इंसान के देवलोकगमन होने पर अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों द्वारा मुक्ति के लिये गंगाजल दिया जाता है, लेकिन चित्तौड़गढ शहर में एक ऐसा शख्स से है जो जिला चिकित्सालय में भर्ती रोगियों को गंगाजल देकर उनके स्वस्थ्य होने की कामना करता है. 

शहर के समीपस्थ गांव पुठोली निवासी उंकार दास ने 2001 में चारभुजा जी गढभोर मंदिर में तुलसी और गंगाजल की श्रृद्धालुओं द्वारा पूजा का दृश्य देखा. तभी से उनके मन मानव सेवा का विचार आया. 65 वर्षीय उकारदास ने 2003 में जिला चिकित्सालय में भर्ती रोगियों को तुलसी और गंगाजल देना प्रारम्भ किया, जिसके बाद से लगातार पिछले 17 साल से सैकड़ों की तादाद में जिला चिकित्सालय के भर्ती रोगियों और उनके परिजनों को गंगाजल पिला रहे है. 

समय के अनुसार वे सवेरे जिला चिकित्सालय के प्रत्येक वार्ड, कक्ष में मौजूद प्रत्येक रोगी को गंगाजल पिलाकर उनके स्वस्थ्य होने की कामना करते है. वृद्धा अवस्था में उंकारदास की इस तरह की अनूठी मानव सेवा को देखकर हर कोई आश्चर्यचकित हो जाता है. इंसान किसी ने किसी रूप में मानव सेवा करते है, लेकिन मानव सेवा करने का यह तरीका उंकार दास में ही देखने को मिला. 

बिना लालच के चिकित्सालय में घूम-घूमकर रोजाना प्रत्येक रोगी को शुद्ध गंगाजल पिलाना अपने आप अलग ही सेवा कहलाएगी, जो कही ओर देखने को नहीं मिली. मानव सेवा करने के सबका अलग-अलग तरीका होता है. लेकिन चित्तौड़गढ़ के उंकारदास का रोगियों को गंगाजल पिलाकर मानव सेवा करने का यह अनूठा तरीका उनकी अच्छाई को दर्शाता है.