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उदयपुर: प्रशासन की अनदेखी से बढ़ी टैंकर संचालकों की मनमानी, जनता परेशान

प्रदेश की राजधानी जयपुर में प्रशासन ने पानी के टैंकर के दाम तय कर लोगों को उचित दर में पानी उपलब्ध कराने उठाए कदम का जनता को राहत देने का प्रयास किया है.

उदयपुर: प्रशासन की अनदेखी से बढ़ी टैंकर संचालकों की मनमानी, जनता परेशान
टैंकर ठेकेदार अवैध रूप से लोगों से मनमाने दाम वसूल रहे है.

अविनाश जगनावत/उदयपुर: प्रचंड गर्मी के दौर में लेकसिटी उदयपुर शहर के लोग पानी के लिए तरस रहे है. आलम यह है कि शहर के उपनगरिय इलाकों में 72 घंटो में एक बार पानी के सप्लाई की जा रही है. जो लोगों की इस परेशानी में आग में घी डालने का काम कर रही है. लोगों की परेशानी का फायदा उठा रहे है पानी के टैंकर संचालित करने वाले ठेकेदार. जो अवैध रूप से पानी का दोहन कर के लोगों से मनमाने दाम वसूल कर जम कर चांदी कूट रहे है. 

प्रदेश की राजधानी जयपुर में प्रशासन ने पानी के टैंकर के दाम तय कर लोगों को उचित दर में पानी उपलब्ध कराने उठाए कदम का जनता को राहत देने का प्रयास किया है. भले ही इसका टैंकर संचालक विरोध कर रहे है, लेकिन झीलों के शहर उदयपुर में ठीक इसके विपरित काम हो रहा है, जिम्मेदार प्रशासन की अनदेखी के लिए शहर के टैंकर माफिया पानी की कमी और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए जम कर चांदी कूट रहे है, पानी की सप्लाई करने वाले टैंकर संचालक मनमाने ढंग से लोगों से रूपए वसूल रहे है और पानी से परेशान लोग अपने गाड़ी मेहनत की कमाई को बड़ा हिस्सा इन दिनों पानी के लिए खर्च कर रहे है, 

शहर के सुन्दरवासी उपनगरि इलाकों में रहने वाले लोगों की मानें तो पानी का जो टैंकर करीब तीन माह पहले 200 से 250 रूपए में आता था उसके लिए उन्हे 500 से 600 रूपए अदा करने पड़ रहे है. इसके बाद भी टैंकर संचालक समय पर पानी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं. वहीं सरकारी स्तर पर पेजल उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे टैंकर तो एक भी बार उनकी कॉलोनी में नहीं आया है. टैंकर संचालकों की इस मनमर्जी और जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही पर लोगों को काफी आक्रोश देखा जा रहा है. 

लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर चांदी कूटने वाले अधिकांश टेंकर संचालक अवैध रूप से पानी का दोहन कर रहे है. ये लोगों आस-पास के गांव के खेतों और घरों में लगे ट्यूबवेल से टैंकर में पानी भर कर सप्लाई कर रहे है. प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही ने इसने हौसलों को ओर बुलन्द कर दिया. जिससे टैंकर संचालकों की मनमानी बढ़ती ही जा रही है. पानी से परेशान लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से टैंकर के दाम निर्धारित करने की गुहार लगाई है. 

बहरआल, मौसम विभाग की माने तो इस बार प्रदेश में मानसून भी करीब दस दिन के देरी से आएगा. जिससे पानी की किल्लत को लेकर शहरवासियों की परेशानी और बढ़ सकती है. ऐसे में समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने टैंकर माफियाओं पर लगाम नहीं लगाया तो ये लोगों के सुखे कंठ पर चांदी कूटने से बाज नहीं आएंगे.