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Pratapgarh News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के गांव की पहचान विकास कार्यों से होती है, लेकिन प्रतापगढ़ जिले की ग्राम पंचायत देवपुरा नांद्या आज भी अधूरे पुल और टूटी सड़कों की वजह से समस्याओं से जूझ रही है. हालात यह है कि बरसात के दिनों में बच्चों को विद्यालय पहुंचने के लिए खड्डे और बहते पानी को पार करना पड़ता है.
गीले कपड़ों में स्कूल पहुंचना और मौत के साए में पढ़ाई करना यहां के विद्यार्थियों की मजबूरी बन चुका है. ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल और सड़क निर्माण का मुद्दा कई बार उठाया जा चुका है. अखबारों में खबरें प्रकाशित हुईं. जिला कलेक्टर और संबंधित विभागों को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन समाधान आज तक नहीं हो पाया.
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गांव के उंकारलाल ने इस विषय पर कहा कि वर्षों से देवपुरा नांद्या के लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं, मगर जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया. जब इस बारे में सरपंच गेंदा बाई मीणा से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि पंचायत क्षेत्र में सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, कोई काम अधूरा नहीं है.
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि पुल और सड़क का कार्य केवल कागजों में पूरा दिखाया गया, मौके पर अधूरा छोड़ दिया गया. उनका आरोप है कि सैंक्शनद रोड और पुल के बिल उठाए जा चुके हैं, जबकि सच यह है कि पूरा गांव आज भी खड्डे और अधूरी सड़क में फंसा हुआ है.
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बड़े-बड़े शहरों और ढाणियों तक सड़कें बनवा रही है, लेकिन देवपुरा नांद्या जैसे गांव आज भी विकास से कोसों दूर हैं. गांव के लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द अधूरे पुल और सड़क का निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि बच्चों की जान जोखिम में न पड़े और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा मिल सके.
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