Dungarpur: FCI गोदाम के ठेकेदार ने किया अनाज घोटाला, राशन डीलर बोले- कड़ी कार्रवाई हो

विधिक माप बाट विभाग द्वारा की गई वे ब्रिज की जांच में इसकी पुष्टि हुई. इसके तहत वे ब्रिज से 50 क्विंटल पर 45 से 48 किलो का अंतर आया है.w

Dungarpur: FCI गोदाम के ठेकेदार ने किया अनाज घोटाला, राशन डीलर बोले- कड़ी कार्रवाई हो
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Dungarpur: प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर (Dungarpur) जिले में एफसीआई (Food Corporation of India) के गोदाम ठेकेदार द्वारा वे ब्रिज में गड़बड़ी कर खाद्य सुरक्षा योजना (Food security scheme) में राशन डीलर्स को कम गेंहू देकर करोड़ों का घोटाला (Scam) करने का मामला सामने आया है. 

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वहीं, विधिक माप बाट विभाग द्वारा की गई वे ब्रिज की जांच में इसकी पुष्टि हुई. इसके तहत वे ब्रिज से 50 क्विंटल पर 45 से 48 किलो का अंतर आया है. मतलब गोदाम से गेंहू भरकर निकल रहे प्रत्येक ट्रक में एक क्विंटल गेंहू कम तोलकर घपला किया जा रहा था. वहीं, गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद अब खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के शासन सचिव ने जिला कलेक्टर को विस्तृत जांच करवाने के लिए पत्र लिखा है.

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मॉनिटरिंग के लिए 15 फीसदी राशि अलग से दी जाती
प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में एफसीआई ने अपने गेंहू की देखरेख और भंडारण का जिम्मा राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम (Rajasthan State Warehousing Corporation) यानी आरएसडब्ल्यूसी को मासिक किराए पर दे रखा है. वहीं, मॉनिटरिंग के लिए 15 फीसदी राशि अलग से दी जाती है. वही आरएसडब्ल्यूसी पीईजी योजना के तहत जिले के थाणा गांव में एक ठेकेदार का गोदाम किराए पर लेकर अनाज का भण्डारण करता है. गोदाम में सारी व्यवस्थाएं ठेकेदार द्वारा की जा रही हैं. जिसे ठेकेदार के कर्मचारी ही गोदाम में लोडिंग, अनलोडिंग, वे ब्रिज आदि संभालते हैं.

ऐसे हुआ खुलासा
वहीं, पिछले कुछ समय से ठेकेदार के कार्मिकों द्वारा पिछले कुछ समय से वे ब्रिज से कम गेंहू तोलकर दिया जा रहा था, जिसकी शिकायत ट्रक ट्रांसपोर्ट्स और राशन डीलर्स ने अपने-अपने स्तर पर रसद विभाग और आरएसडब्ल्यूसी को की थी, जिसके बाद रसद विभाग व बाट माप नियंत्रक अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर वे ब्रिज व्हीकल से वे ब्रिज की जांच की तो जांच में गेंहू कम तोलकर देने की पुष्टि हो गई. जांच में 50 क्विंटल पर 45 से 48 किलो का अंतर आया है. जिस पर बाट माप नियंत्रक विभाग ने विधिक माप अधिनियम में मामला भी दर्ज किया है.

क्या कहना है राशन डीलर्स का
इधर राशन डीलर्स की माने तो एफसीआई गौदाम से 80 ट्रक गेंहू उठाने के काम में लगे हैं और एक ट्रक में करीब 115 क्विंटल गेंहू भरा जाता है. वहीं, बाट माप नियंत्रक विभाग द्वारा जांच में 50 क्विंटल पर 45 से 48 किलो का अंतर आया है जो की साफ़-साफ़ दर्शाता है कि एक ट्रक से एफसीआई गोदाम ठेकेदार करीब एक क्विंटल की हेराफेरी कर रहा था. वहीं, 80 ट्रकों की बात करे तो 80 क्विंटल का घपला गेंहू उठाव के समय प्रतिदिन किये जा रहा था और सरकार की रिकवरी रेट 27 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से 80 क्विंटल गेंहू की हेराफेरी कर गोदाम ठेकेदार द्वारा 2 लाख 16 हजार रुपये का प्रतिदिन घपला किया जा रहा था. इधर बाट माप नियंत्रक विभाग द्वारा जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद अब खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के शासन सचिव ने जिला कलेक्टर को विस्तृत जांच करवाने के लिए पत्र लिखा है. इधर मामले में जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला ने रसद विभाग की एक टीम का गठन करते हुए दो दिन में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.

उठी कार्रवाई की मांग
बहरहाल, एफसीआई गोदाम के ठेकेदार द्वारा बड़ा घपला उजागर होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. राशन डीलर कम दिए गए गेंहू की भरपाई और गोदाम ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है. फिलहाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के शासन सचिव ने गोदाम ठेकेदार द्वारा सरकार को कितना चुना ओर कब से लगाया जा रहा था साथ ही इस खेल में आरएसडब्ल्यूसी की भी क्या भूमिका थी इस संबंध में विस्तृत जांच करवाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है. खैर अब देखना होगा कि ये जांच कब तक पूरी होती है, वहीं, क्या कार्रवाई दोषियों के खिलाफ अमल में लाई जाती है?

Reporter- अखिलेश शर्मा