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Dungarpur News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी धाम के लिए पदयात्रियों का कारवां बढ़ता जा रहा है. शहर से लेकर गांवों से विभिन्न पदयात्री संघ अंबाजी शक्ति पीठ के लिए रवाना हो रहे हैं.
इसी के तहत आज बांसिया गांव से आरासुरी पदयात्रा संघ के 41 पदयात्रियों का जत्था बोल मारी अम्बे जय जय अंबे... के जयकारों के साथ रवाना हुआ. लंबी धर्म ध्वजा लेकर ये पदयात्री 200 किमी का सफर तय करके 5 सितंबर को अंबाजी धाम पहुंचेंगे.
गुजरात के अंबाजी धाम पर भाद्रपद पूर्णिमा के दिन मुख्य मेला भरेगा. अंबाजी धाम दर्शनों के लिए कई भक्त पदयात्रा करते हुए पहुंच रहे हैं. डूंगरपुर शहर से लेकर गांवों तक अंबाजी पदयात्रियों के जत्थों की रवानगी हो रही है.
इसी के तहत बांसिया गांव में आरासुरी पदयात्रा संघ की ओर से 24वीं अंबाजी पदयात्रा रवाना हुई. बांसिया के मुख्य गांव में गणपति महोत्सव पांडाल में प्रथम पुजेश्वर गणपति एवं अंबाजी की आरती कर संघ को रवाना किया गया.
ग्रामीणों ने एक किमी पैदल संघ के साथ चल कर कल्याण मंदिर, हनुमान मंदिर में दर्शन कर संघ को शक्तिपीठ अंबाजी के लिए रवाना किया.
गांव से संघ रवाना होते समय माता रानी के जय जयकारों से वातावरण भक्तिमय बन गया. पदयात्रा 200 किमी की यात्रा करते हुए 5 सितंबर को अंबाजी शक्तिपीठ पहुंचेंगी, जहां माता के दरबार में ध्वजा चढ़ा कर दर्शन करते क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जाएगी.
बता दें कि अंबाजी माता मंदिर बनासकांठा जिले में अरावली पर्वतमाला पर स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जो मां सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है. यहां देवी मां की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक श्रीयंत्र स्थापित है. मंदिर के पास गब्बर नाम का एक पहाड़ है, जहां देवी मां के पदचिह्न और रथचिह्न माने जाते हैं. हर साल भाद्रपदी पूर्णिमा के दिन यहां एक भव्य मेला और उत्सव मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं.
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