Internatonal Yoga Day 2021: 103 वर्ष के भंवरलाल ने पेश की मिसाल, प्रपौत्र के साथ किया योगाभ्यास

अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर भंवरलाल ने अपने पुत्रों-पुत्र वधुओं, पौत्र-पौत्र वधुओं और प्रपौत्रों के साथ योगाभ्यास कर दुनिया को संदेश दिया कि वे योग से किस तरह अपने आप को तंदुरस्त रख सकते है.

Internatonal Yoga Day 2021: 103 वर्ष के भंवरलाल ने पेश की मिसाल, प्रपौत्र के साथ किया योगाभ्यास
103 साल के भंवरलाल ने परिवार संग किया योगाभ्यास.

Udaipur: अंतराष्ट्रीय योग दिवस (Internatonal Yoga Day 2021) पर देश-दुनिया से योग करते लोगों की कई तस्वीरें सामने आ रही है. लेकिन उदयपुर से योगाभ्यास की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो ना केवल लोगों को योग करने के लिए प्रेरित करती है बल्कि योग के महत्व को बताती है. दरअसल, जीवन के सौ बसंत पूरे कर चूके एक ऐसे ही व्यक्ति ने अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रपौत्र के साथ योगाभ्यास कर अनूठी मिसाल पेश की है.

भारतीय सनातन संस्कृति की पहचान ही योग से है. योग को जीवन में अपनाने के बाद हम सौ वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद भी खुद को पूर्ण रूप से स्वस्थ रख सकते हैं. योग का ऐसा ही महत्व उदयपुर शहर से सटे बडगांव इलाके में रहे वाले भंवरलाल श्रीमाली ने बताया. जिन्होने योग को अपने जीवन में अपनाया और आज वे 103 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेने के बाद भी पूरी तरह से स्वस्थ और तंदुरस्त हैं.

अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर उन्होने अपने पुत्रों-पुत्र वधुओं, पौत्र-पौत्र वधुओं और प्रपौत्रों के साथ योगाभ्यास कर दुनिया को संदेश दिया कि वे योग से किस तरह अपने आप को तंदुरस्त रख सकते है. सतायु हो चुके भंवरलाल ने अपने जीवन काल में कई महामारियों के दौर को भी देखा. लेकिन भारतीय जीवन शैली को अपनाने वाले भंवरलाल ने हर महामारी को मुकाबला डट कर किया. यही कारण है कि वे आज भी अपने दैनिक दिनचर्या के कार्य स्वंय ही करते हैं.

मुखिया के रूप में परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करते है. उनकी पत्नी कमला देवी भी अपने पति के साथ योग कर खुद को स्वस्थ्य रखें हुए है. अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर भंवरलाल ने लोगों से योग कर स्वस्थ रहने का संदेश दिया है.

अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर अपने सतायु परदादा-दादी के साथ योगाभ्यास करना श्रीमाली परिवार की युवा पीढ़ी के लिए बड़े ही गर्व की बात है. सौ साल बाद भी अपने परिवार के मुखिया को पूर्ण रूप से स्वस्थ्य देखना इस परिवार के युवाओं को योग के प्रति प्ररित करता है.

भंवरलाल के प्रपौत्र रजत का कहना है कि वह बहुत ही खुश किस्मत है कि अपने परदादा के साथ योगाभ्यास कर रहा है और उनके जीवन के अनुभवों को लाभ ले रहा है. साथ ही, परिवार में आने वाली नई नवेली बहुओं के लिए भी भवंरलाल की जीवन शैली प्रेरणास्प्रद बन रही है.

(इनपुट-अविनाश जगनावत)