प्रतापगढ़ में PWD की अनदेखी ने नर्क की राहगीरों की जिंदगी, अंतिम यात्रा के लिए भी करनी पड़ रही जद्दोजहद, हाल बेहाल के बाद भी नहीं कोई सुध-बुध

Pratapgarh News: प्रतापगढ़ के कलाऊ गांव में सड़क पर 4 फीट पानी, शव यात्रा को भी पानी में गुजरना पड़ा. ठेकेदार की लापरवाही से स्कूली बच्चे घरों में कैद, ग्रामीण परेशान. प्रशासन की उदासीनता से लोग त्रस्त!

प्रतापगढ़ में PWD की अनदेखी ने नर्क की राहगीरों की जिंदगी, अंतिम यात्रा के लिए भी करनी पड़ रही जद्दोजहद, हाल बेहाल के बाद भी नहीं कोई सुध-बुध
Image Credit: Pratapgarh News

Pratapgarh News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की सेतरावा तहसील में स्थित कलाऊ गांव से नयासरा जाने वाली सड़क पर मानसून की बाढ़ ने यात्रियों और ग्रामीणों की जिंदगी को नर्क बना दिया है. सड़क निर्माण ठेकेदार की लापरवाही के कारण बने इस मार्ग पर मापदंडों की अनदेखी कर बनाई गई सड़क अब चार फीट गहरे पानी से लबालब भर गई है, जो आधा किलोमीटर से अधिक लंबाई में फैली हुई है.

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के पिछले एक महीने से यह समस्या बनी हुई है, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं.सबसे दर्दनाक घटना तब घटी जब कलाऊ गांव में एक महिला की मृत्यु हो गई. उनके अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा निकाली गई, लेकिन सड़क पर भरे गहरे पानी के कारण परिजनों को चार फीट पानी में ही शव को उठाकर नयासरा की ओर ले जाना पड़ा. यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं, क्योंकि प्रशासन की उदासीनता ने एक पवित्र संस्कार को भी कष्टपूर्ण बना दिया. इसी तरह, इस सड़क पर स्कूली बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

आसपास की ढाणियों (टोलियों) के बच्चे, जो इस एकमात्र रास्ते से गुजरकर स्कूल जाते हैं, अब जलभराव के कारण घरों में कैद हो गए हैं. पिछले कई दिनों से पढ़ाई से वंचित ये नौनिहाल अपनी शिक्षा के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पानी भरने से न केवल स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, क्योंकि गंदा पानी मच्छरों और संक्रमण का कारण बन रहा है.

स्थानीय लोगों ने इस समस्या से निपटने के लिए तहसील, उपखंड अधिकारी और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. शिकायतों के बावजूद ठेकेदार और विभागीय कर्मियों की लापरवाही से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है. वे कहते हैं कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत या ड्रेनेज सिस्टम सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या और गंभीर हो जाएगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण में ड्रेनेज की कमी और खराब प्लानिंग ही इसका मुख्य कारण है.

ग्रामीणों ने अब उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि मानसून समाप्त होने से पहले राहत मिल सके. इस घटना ने राजस्थान सरकार की ग्रामीण सड़क विकास योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Jaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज, Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत है. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर की खबरों में खास दिलचस्पी. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनाव और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बयान पर नजर. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करने में मजा आता है. इसके अलावा कंटेंट को पैकेजिंग करके परोसना इनकी खासियत है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव. इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है और वर्तमान में मेरठ कॉलेज से LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. खबरों की गंध सूंघने और उसे सबसे पहले, सबसे तेज परोसने का जुनून. यही अंश राज हैं