&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Narayan Seva Sansthan: शौर्य और पराक्रम की भूमि मेवाड़ की धारा पर करीब चार दशक पहले दरिद्र को नारायण मान सेवा के परोपकारी कार्य करने का एक ऐसा बीज अंकुरित हुआ, जो आज विशाल वट व्रक्ष के रूप में परिवर्तित हो चुका है, जो देश नहीं बल्कि विदेश में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को अपनी ठंडी छाव प्रदान कर रहा है.
जरूरतमंदों के लिए एक मुट्ठी आटे से शुरू हुई नारायण सेवा संस्थान के सेवा कार्य यह मुहिम आज लाखों लोगों की बेरंग जिंदगी में रंग भरने का काम कर रहा है.
उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान-दरिद्र को नारायण मानकर सेवा करने वाला यह संस्थान आज सेवा कार्य का पर्याय बन चुका है. लगभग चार दशक पहले उदयपुर के कैलाश मानव ने इसकी नींव रखी थी. संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल बताते हैं कि अस्पताल में सेवा के दौरान उनके पिता ने एक ऐसा दृश्य देखा जिसने उनके मन को झकझोर दिया.
इसके बाद भूखों तक भोजन पहुंचाने के लिए उन्होंने “एक मुट्ठी आटा” अभियान शुरू किया. करीब 13 वर्षों तक अस्पताल और अन्य इलाकों में निर्धनों तक खाना पहुंचाया. अकाल के समय गांव-गांव राशन सामग्री पहुंचाई गई. तमाम परेशानियों के बावजूद सेवा कार्य रुका नहीं. धीरे-धीरे संस्थान ने अपने सेवा प्रकल्पों का विस्तार किया.
आज नारायण सेवा संस्थान देश-विदेश में दिव्यांगों की सेवा के लिए जाना जाता है. संस्थान की ओर से 1100 बेड का हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है, जहां मरीज और उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन और रहने की सुविधा मिलती है.
अध्यक्ष अग्रवाल के अनुसार संस्थान अब तक 4 लाख 50 हजार बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन कर चुका है और 38 हजार से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम अंग लगाए जा चुके हैं. वर्ष 2030 तक 1 लाख दिव्यांगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. अब संस्थान “कुआं प्यासे के पास” अभियान के तहत दिव्यांगों के गांव-गांव पहुंचकर उनकी मदद कर रहा है.
नारायण सेवा संस्थान केवल उपचार ही नहीं बल्कि दिव्यांगों को स्वावलंबी बनाने का काम भी कर रहा है. यहां विभिन्न व्यावसायिक कोर्सों के जरिए प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि दिव्यांग अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें. गरीब और दिव्यांगों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के लिए संस्थान ने सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करने की पहल शुरू की.
अब तक 44 सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन हो चुका है, जिनमें 2510 निर्धन और दिव्यांग जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंध चुके हैं. गरीब और अनाथ बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए “नारायण चिल्ड्रन एकेडमी” की स्थापना की गई, यहां वैदिक और आधुनिक शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जा रही है.
यह भी पढ़ें- नवरात्रि सप्तमी पर नांता करणी माता मंदिर में दिखा शाही अंदाज, पूर्व महाराज ने की पूजा-अर्चना
अब उदयपुर में “वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी” थीम पर 250 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है. विशेष बात यह है कि इस अस्पताल में बिल और इनवॉइस काउंटर नहीं होगा. आने वाले हर मरीज को बिना किसी शुल्क के हॉस्पिटल में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
अपने आप में कई खुबियों वाले इस हॉस्पिटल में दिव्यांगों का अब और बेहतर उपचार हो पाएगा. नारायण सेवा संस्थान के सेवा कार्यों ने मेवाड़ की धरा पर एक नया इतिहास लिखने का काम किया है, जो आने वाले समय में लेकसिटी के नाम से दूनिया में विख्यात शहर को एक नई पहचान देगा.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएंUdaipur Newsहर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!