&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Pratapgarh News: प्रतापगढ़ की पोक्सो अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सजा का ऐलान करते हुए दुष्कर्मी को 20 साल कठोर कारावास और 58 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित करते हुए जेल भेजने के आदेश दिए. इस मामले में विशिष्ट न्यायाधीश डॉक्टर प्रभात अग्रवाल ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज में ऐसे अपराधियों का खुला घूमना खतरनाक है. घृणित अपराधों की रोकथाम के लिए दंड जरूरी है.
विशिष्ट लोक अभियोजक किशनलाल कुमावत ने बताया कि डेढ़ साल पहले पीड़िता के पिता ने प्रकरण दर्ज करवाया कि उसकी नाबालिग बेटी बोरिया गांव के बाजार में खरीदारी के लिए गई थी और वापस नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरू की गई लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा. इस पर उसकी गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज करवाया गया. इस दौरान जानकारी मिली कि बांसवाड़ा के सादी महुडी गांव का रहने वाला अजय उर्फ अर्जुन मीणा पीड़िता के गांव में अपने रिश्तेदार के यहां पर आता रहता था और उससे मिलता-जुलता था.
इसी दौरान मौका पाकर पीड़िता ने अर्जुन के मोबाइल से अपनी बड़ी बहन को फोन लगाकर घटनाक्रम के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि वह अर्जुन के साथ है. इसके बाद अर्जुन का मोबाइल बंद हो गया. पुलिस ने जांच के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को दस्तीयाब किया और अर्जुन को गिरफ्तार कर 25 जुलाई को पोक्सो अदालत में चालान पेश किया. तभी से यह मामला प्रतापगढ़ की पोक्सो अदालत में विचाराधीन था.
आज सुनवाई पूरी होने पर विशिष्ट न्यायाधीश डॉक्टर प्रभात अग्रवाल ने अर्जुन मीणा को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20 साल कठोर कारावास और 58 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित करते हुए जेल भेजने के आदेश दिए. कुमावत ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष 17 गवाह और 27 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए.
डॉक्टर अग्रवाल ने फैसले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों का समाज में खुला घूमना बालिकाओं और महिलाओं के लिए खतरनाक है. घृणित अपराधों को रोकने के लिए दंड दिया जाना आवश्यक है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jalore Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!