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Pratapgarh News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद कस्बे में हालात बेकाबू हैं, छह दिनों से सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी है. नतीजा यह कि कस्बे की गलियां और सड़कें कचरे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं. बदबू फैल रही है और बीमारी का खतरा हर दिन बढ़ रहा है लेकिन प्रशासन की खामोशी ने लोगों की परेशानी और भी बढ़ा दी है.
यह नजारा है अरनोद कस्बे का जहां सफाई कर्मियों की हड़ताल ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है. नगर पालिका के सफाई कर्मियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला और मजबूरी में उन्होंने काम बंद कर दिया, जिसके बाद गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक कचरे का अंबार लग गया है. जगह-जगह बदबू फैली हुई है और संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है.
अरनोद को नगर पालिका बने पांच महीने हो चुके हैं लेकिन हाल यह है कि न तो कर्मचारियों का कुछ अता पता है और न ही कामकाज का. कार्यवाहक नगर पालिका आयुक्त तहसीलदार को बना दिया गया है लेकिन कर्मचारियों के अभाव में सब कुछ अधूरा-अधूरा पड़ा है.
लोग परेशान हैं लेकिन नगर पालिका और प्रशासन अब तक खामोश है. जनता का साफ कहना है कि सफाई कर्मियों का बकाया वेतन तुरंत दिया जाए और सफाई व्यवस्था को बहाल किया जाए. अगर हालात नहीं बदले तो मजबूरी में जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा.
इधर, प्रतापगढ़ में बंजारा दिवस पर बंजारा समाज ने जिला अध्यक्ष दिलीप बंजारा के नेतृत्व में वाहन रैली निकाली. तिरंगा चौराहा से शुरू हुई रैली सूरजपोल हायर सेकेंडरी रोड होते हुए कृषि उपज मंडी पहुंची, जहां अल्पाहार का वितरण किया गया. रैली में 21 गांवों के समाजजन शामिल हुए.
समाज ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर टांडा को राजस्व ग्राम घोषित करने, सभी बंजारा बस्तियों को आबादी घोषित कर पट्टे आवंटित करने, छात्रावास निर्माण, एमबीसी वर्ग का लाभ दिलाने और सामुदायिक भवन निर्माण की मांग की. साथ ही घुमंतू समाज के लिए पहचान पत्र और योजनाओं की जानकारी हेतु प्रतिनिधि नियुक्त करने की अपील की.
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