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Udaipur News: उदयपुर का सुखाड़िया विश्वविद्यालय इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है. मामला कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब को 'कुशल प्रशासक' कह दिया. इस बयान के बाद छात्र संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है और कुलगुरु को पद से हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं.
एबीवीपी ने किया जोरदार प्रदर्शन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कॉमर्स और साइंस कॉलेज में जोरदार प्रदर्शन किया. उन्होंने कक्षाओं में पढ़ रहे छात्रों को बाहर निकाला और कॉलेज बंद करवा दिया. छात्रों का कहना है कि अब वे सुखाड़िया विश्वविद्यालय को भी बंद कराएंगे. उनका साफ कहना है कि जब तक कुलगुरु पद से नहीं हटेंगी, तब तक विरोध जारी रहेगा.
12 सितंबर को एक कार्यक्रम में दिया था बयान
असल में, 12 सितंबर को विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में प्रो. मिश्रा ने कहा था कि इतिहास में हम महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और अकबर जैसे कई शासकों के बारे में पढ़ते हैं. इनमें औरंगजेब भी एक कुशल प्रशासक के रूप में गिने जाते हैं. यही टिप्पणी विवाद का कारण बन गई.
बवाल के बाद दी सफाई
बयान पर बवाल मचने के बाद प्रो. मिश्रा ने सफाई पेश की और खेद जताते हुए माफी भी मांगी. उन्होंने कहा कि उनके वक्तव्य को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. पूरे भाषण को ध्यान से सुना जाए तो साफ होगा कि उन्होंने औरंगजेब की प्रशंसा नहीं की. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे मूल रूप से अहिन्दी भाषी हैं, इसलिए शब्दों के गलत अर्थ निकाले गए. उनका मकसद किसी की भावना को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था.
छात्रों का गुस्सा नहीं है शांत
इसके बावजूद छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. प्रदर्शनकारी छात्र अब कुलगुरु की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं. उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और माहौल को शांत करने की कोशिश कर रहा है. फिलहाल, उदयपुर का यह विवाद राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है और देखना होगा कि आने वाले दिनों में इसका समाधान किस रूप में निकलता है.
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