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Pratapgarh News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धरियावद नगर के विनायक नगर क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब आबादी क्षेत्र के समीप बारिश से बने जलभराव में करीब 9 फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया. स्थानीय महिला शिक्षिका ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी.
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
सूचना मिलते ही वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी रामलाल भील ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू टीम का गठन किया और टीम को मौके पर भेजा. मगरमच्छ को ढूंढना टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि जलभराव गहरा और फैला हुआ था. करीब 7–8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से पानी की निकासी की गई. इसके बाद मगरमच्छ दिखाई दिया. इस दौरान आबादी क्षेत्र में मगरमच्छ की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई.
नगलिया डेम में छोड़ा गया मगरमच्छ
ग्रामीणों की सहायता से वन विभाग की टीम ने आखिरकार मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. वन विभाग ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ने का निर्णय लिया. अंततः मगरमच्छ को नगलिया डेम में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया.
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जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते देर रात माही बांध के 10 गेट खोले गए, जिससे नदी में जबरदस्त जलस्तर बढ़ गया. गेट खुलते ही पीपलखूंट स्थित माही नदी में तेज रफ्तार से जलधारा बहने लगी और पानी का बहाव गुजरात की ओर बढ़ते हुए समुद्र तक पहुंच गया. पीपलखूंट क्षेत्र में माही पुल से बहती प्रचंड जलराशि का दृश्य बेहद मनमोहक रहा. पुल पर खड़े लोग नदी के उफान को निहारते रहे और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया. तेज धाराओं से उठती लहरें देखने वालों को रोमांचित करती रहीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मौसम में माही नदी का यह अद्भुत नजारा वर्षों तक यादगार बन जाता है. वहीं, प्रशासन ने नदी किनारे बस्तियों और निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है. प्राकृतिक सौंदर्य और जलशक्ति का यह अद्भुत संगम पीपलखूंट क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
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