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Banswara News: राजस्थान के बांसवाड़ा शहर की सरकारी आवासीय कॉलोनियों में रह रहे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की जान खतरे में है. शहर की विद्युत कॉलोनी, माही कॉलोनी और सिविल लाइन की इमारतें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और कभी भी ढह सकती हैं. हाल ही में सिविल लाइन में एक दो-मंजिला भवन ढह भी गया था, हालांकि गनीमत रही कि उसे पहले ही खाली करा लिया गया था.
लापरवाही का आलम
इन जर्जर भवनों में रहने वाले लोगों को पता है कि ये इमारतें रहने लायक नहीं हैं, फिर भी वे अपने परिवार के साथ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. बारिश के मौसम में तो इन घरों की छतों से पानी टपकता है, जिसके बाद कर्मचारी सिर्फ प्लास्टिक के तिरपाल लगाकर काम चला रहे हैं, लेकिन घर खाली नहीं कर रहे. यह लापरवाही न सिर्फ उनकी, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है.
अधिकारियों का रवैया: सिर्फ नोटिस
विभागों का रवैया भी बेहद लापरवाह है. अधिकारियों ने इन जर्जर भवनों में रहने वाले लोगों को नोटिस तो जारी कर दिए हैं, लेकिन इन्हें खाली कराने या दोबारा बनाने की कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. ऐसा लगता है जैसे विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो.
खाली भवनों में असामाजिक तत्व और जानवर
इन कॉलोनियों में कई भवन सालों से खाली पड़े हैं. इन खाली पड़े घरों में असामाजिक तत्वों और जहरीले जानवरों का बसेरा है, जिससे यहाँ रहने वाले लोगों के लिए खतरा और भी बढ़ गया है.
प्रशासन का बयान
इस मामले पर जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि जर्जर भवनों में रहने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ भवनों को खाली कराकर गिराया भी गया है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बजट मिलने पर इन भवनों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा. हालांकि, यह देखना होगा कि बजट आने से पहले कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए.
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