कन्हैया लाल मर्डर केस-आरोपी जावेद की जमानत SC ने बरकरार रखी, कहा-बाकी आरोपी इस आधार पर राहत के हकदार नहीं

Udaipur News: उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की 2022 में हुई हत्या के मामले में आरोपी जावेद की जमानत रद्द करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. यह याचिका एनआईए और मृतक के बेटे यश तेली ने दायर की थी. 

कन्हैया लाल मर्डर केस-आरोपी जावेद की जमानत SC ने बरकरार रखी, कहा-बाकी आरोपी इस आधार पर राहत के हकदार नहीं
Image Credit: Udaipur News

Udaipur News: राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की हत्या के केस में आरोपी जावेद की जमानत रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार किया. NIA और कन्हैया लाल के बेटे यश तेली ने राजस्थान हाई कोर्ट से जावेद को मिली जमानत को रद्द करने की मांग की थी. SC ने दोनों की अर्जी खारिज करते हुए हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इंकार कर दिया.

कन्हैया की पैगम्बर मोहम्मद को लेकर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करने के चलते 2022 में गला काटकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या का लाइव वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.

Add Zee News as a Preferred Source

जावेद पर आरोप था कि उसने इस केस में हत्यारों के लिए कन्हैया लाल की रेकी की थी. कन्हैया की दुकान पर मौजदूगी की जानकारी हत्यारोंकोदीथी. आज SC ने कहा कि हत्या के समय आरोपी जावेद टीनएजर (19 साल )का था, अभी तक 166 में से सिर्फ 8 लोगों की गवाही हुई है, लिहाजा ट्रायल पूरा होने में वक्त लगेगा.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि हाईकोर्ट ने जावेद को जमानत देते हुए इस केस को लेकर जो टिप्पणियां की थीं, उनका ट्रायल पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसके अलावा इस केस में जो बाकी आरोपी है, जिनकी जमानत याचिका लंबित है, वो जावेद को मिली जमानत के आधार पर समानता का हवाला देते हुए जमानत नहींमांगसकते हैं.

बता दें कि 28 जून साल 2022 में राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी कन्हैया लाल तेली की दो मुस्लिम व्यक्तियों ने जघन्य हत्या कर दी थी, जिसमें हमलावरों ने मर्डर का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.

कन्हैया के बेटे के वकील की दलील
इस मामले में कन्हैया लाल के बेटे यश तेली की ओर से वकील नमित सक्सेना और NIA की ओर से ASG एसवी राजू पेश हुए. नमित सक्सेना ने जावेद को मिली ज़मानत का विरोध करते हुए कहा कि कन्हैया लाल की हत्या की साजिश में उसकी भूमिका साफ नजर आती है. उसने इस मामले में रेकी थी और वो हत्या के दिन तज हत्यारों के लगातार सम्पर्क में था.

नमित सक्सेना ने दलील दी कि UAPA के सेक्शन 43D(5) के तहत ज़मानत की सख्त शर्तो का प्रावधान है लेकिन हाई कोर्ट ने इस तथ्य की अनदेखी की. उन्होंने अपनी दलील में ज़मानत देते वक़्त अपने आदेश में हाई कोर्ट की इस टिप्पणी पर भी एतराज जाहिर किया कि जावेद के खिलाफ इस आतंकी गतिविधि में शामिल होने का कोई सबूत नहीं है. जमानत के स्टेज पर हाई कोर्ट का यह निष्कर्ष देना ठीक नहीं है.

रिपोर्टर - अरविंद सिंह

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Udaipur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author