&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Udaipur News: आधुनिक शिक्षा के दौर में बच्चे और युवा वैदिक शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं. ऐसे में उदयपुर में श्रीमाली ब्राह्मण समाज ने अनूठी पहल करते हुए गर्मी की छुट्टियों में समाज के बच्चों और युवाओं को वैदिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया है.
श्रीमाली समाज के बच्चे कर रहे हैं श्लोक उच्चारण
संस्कृत से श्लोक का उच्चारण कर रहे ये बच्चे उदयपुर श्रीमाली समाज के हैं. श्री श्रीमाली समाज संस्था मेवाड़ ने गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप के स्थान पर संस्कार शिविर का आयोजन कर समाज की भावी पीढ़ी को वैदिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया है. समाज के संस्कार भवन में आयोजित हुए शिविर के दौरान गुरुकुल पद्धति के अनुसार बच्चों को शिक्षा दी गई. पिछले 9 दिनों में समाज के 5 वर्ष के बच्चे से लेकर 68 वर्ष के बुजुर्ग तक ज्योतिष शास्त्र और पूजा पद्धति का ज्ञान लेने के लिए संस्कार भवन पहुंचे.
प्रख्यात विद्वानों ने किया शिविर का आयोजन
समाज के प्रख्यात विद्वानों द्वारा इस शिविर का आयोजन किया गया. नौ दिवसीय शिविर का समापन आज हुआ. पिछले 9 दिनों तक आयोजित हुए इस शिविर में समाज के हर वर्ग के व्यक्ति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस मौके पर नई पीढ़ी को भी संस्कारित करने और शुरू से मंत्रोच्चार का ज्ञान, पूजन की पद्धति, पंचांग को देखने की विधि और ज्योतिष शास्त्र के बारे में जानकारी दी गई. शिविर का मुख्य उदृदेश्य समाज के बच्चों को सनातन संस्कृति के साथ छोटी उम्र में ही जोडना हैं, जिससे उन्हें भारतीय संस्कृति से जुडाव का अहसास रहे. इसके अलावा वैदिक पद्धति की जानकारी बच्चों सहित समाज के सभी इच्छुक सदस्यों को दी जा सके.
शिविर के लिए हुए थे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
शिविर के लिए संस्कार भवन में छोटे-छोटे बच्चों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और समर वेकेशन के दौरान समर कैंप के रूप में संस्कार शिविर का आयोजन किया. इस शिविर में करीब 50 से ज्यादा बच्चे रजिस्टर्ड हुए. इस दौरान नन्हें बच्चों सहित वैदिक पद्धति की जानकारी लेने के इच्छुक सभी समाजजनों को पंडित मनोहर श्रीमाली ने शास्त्रों की जानकारी दी साथ ही वैदिक मंत्रोच्चारण का अभ्यास करवाया. ज्योतिष के बारे में आचार्य नरेश श्रीमाली ने शिविरार्थियों को बताया और नक्षत्र सहित ज्योतिष की बारीकियों का अध्ययन करवाया.
सनातन संस्कृति में ब्राह्मण समाज को मस्तक की उपमा
बहरहाल सनातन संस्कृति में ब्राह्मण समाज को मस्तक की उपमा दी गई है. ऐसे में यदि ब्राह्मण समाज की युवा पीढ़ी को वैदिक संस्कृति और सनातन परंपरा का ज्ञान होगा तो वर्तमान पीढी के युवाओं को भी नवीन सोच और ऊर्जा मिलेगी.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Latest Rajasthan News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!