डूंगरपुर: NH-8 पर फिर बेकाबू हुए हालात, उपद्रवियों पर हुई फायरिंग में एक युवक की मौत

पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया. इस दौरान खेरवाड़ा में फायरिंग हुई. फायरिंग में एक उपद्रवी युवक की मौत हो गई, जबकि 1 बालक घायल हुआ है.

डूंगरपुर: NH-8 पर फिर बेकाबू हुए हालात, उपद्रवियों पर हुई फायरिंग में एक युवक की मौत
कई इलाकों में पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया.

अखिलेश शर्मा, डूंगरपुर: नेशनल हाईवे 8 पर 56 घंटे से उपद्रव जारी है. दिनभर हाईवे की पहाड़ियों और कांकरी डूंगरी के पास बैठे उपद्रवी शनिवार शाम को पहाड़ी से नीचे उतरे और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में उपद्रवियों की ओर से पथराव के कारण पुलिस को भागकर जान बचानी पड़ी. 

पुलिस मोतली मोड़ से लेकर खेरवाड़ा तक भागी और इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया. इस दौरान खेरवाड़ा में फायरिंग हुई. फायरिंग में एक उपद्रवी युवक की मौत हो गई, जबकि 1 बालक घायल हुआ है.

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, फायरिंग में काचरा फला घाटा खेरवाड़ा निवासी 22 वर्षीय तरुण की गोली लगने से मौत हो गई है. वहीं, फायरिंग के कारण 13 वर्षीय पोगरा निवासी अल्पेश को भी पेट पर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल बालक को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. मोर्चरी में मृतक का शव रखवाया गया है हालांकि फायरिंग किसकी ओर से की गई, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है और फायरिंग में घायलों की संख्या का भी सही आंकड़ा नहीं मिल सका है.

राजस्थान के डूंगरपुर में शिक्षक भर्ती-2018 में टीएसपी क्षेत्र के अनारक्षित पदों को एसटी अभ्यार्थियों से भरने की मांग को प्रदर्शन जारी है. अब इस उपद्रव ने फिर से हिंसक रूप ले लिया है. डूंगरपुर-आसपुर मार्ग पर स्थिति बेकाबू होती जा रही है.  हालातों के मद्देनजर पुलिस की टीम भी मुस्तैद है. कई इलाकों में पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया.

फिलहाल, नेशनल हाईवे 8 पर शांति बनी हुई है लेकिन रुक-रुक कर झड़प की घटना भी हो रही हैं तो वहीं मामले को सुलझाने के लिए सरकार भी हरकत में आ गई है. उदयपुर से 35 किलोमीटर दूर परसाद में टीएडी मंत्री अर्जुन बामणिया और जनजाति अभ्यर्थियों के बीच वार्ता हुई.

प्रतिनिधि मंडल सरकार की और से मंत्री अर्जुन बामनिया और सीडब्ल्यूसी सदस्य रघुवीर मीणा वही बीटीपी के दो एमएलए गणेश गोगारा और राम प्रसाद डिंडोर, पूर्व संसद ताराचंद्र बागोरा और जनजाति अभ्यर्थियों के  प्रतिनिधि मण्डल सामील हुआ हालांकि वार्ता के किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची लेकिन सरकार की ओर से आदिवासी युवाओ की मांग को लेकर एसएलपी (SLP) कोर्ट मे दायर की जाएगी. मीटिंग के बाद सभी जनप्रतिनिधियों ने आन्दोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की. बीटीपी नेताओं ने भी को आंदोलनकारियों से शांति की अपील की.