पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर बैलगाड़ी पर निकली बारात, देखने वालों ने जमकर की तारीफ

जिस तरह संक्रमण काल के बीच भी शहरी लोग चकाचौंध के बीच महंगी महंगी शादियां कर रहे हैं, उनके लिए ग्रामीणों की यह पहल वाकई काबिले तारीफ है. 

पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर बैलगाड़ी पर निकली बारात, देखने वालों ने जमकर की तारीफ
प्रतीकात्मक तस्वीर.

दिलशाद खान, भीलवाड़ा: जहां आधुनिक चमक-दमक में लाखों रुपये लोग शादियों में खर्च कर रहे हैं. वहीं भीलवाड़ा के ग्राम पांसल के युवा ने परंपरागत तरीके से शादी कर अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगाते हुए गोवंश और पर्यावरण सरंक्षण के साथ ही कोरोना संक्रमण से बचने का संदेश दिया. जी हां, यहां पर एक दूल्हे ने अपनी बारात को बैलगाड़ी पर निकाला. 

जानकारी के अनुसार, पांसल निवासी रामेश्वर माली के बेटे चांद करण का देव उठनी एकादशी के साथ ही शुभमुहूर्त में सरकारी गाइडलाइन के तहत विवाह भीलवाड़ा के आजाद नगर निवासी भवर माली की बेटी अनुराधा से तय हुआ. 

संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भीलवाड़ा में हाल ही में रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है. ऐसे में यदि बसों में बारात लाई जाती तो शायद गाइडलाइन की पालना नहीं हो पाती, इसलिए गांव के लोगों ने पांच बैलगाड़ियों के जरिए पुराने रीति-रिवाजों के तहत बारात भीलवाड़ा लाकर एक अनूठा मैसेज समाज को दिया है. जिस तरह संक्रमण काल के बीच भी शहरी लोग चकाचौंध के बीच महंगी महंगी शादियां कर रहे हैं, उनके लिए ग्रामीणों की यह पहल वाकई काबिले तारीफ है.