पर्यावरण को बचाने के लिए IAS एटी पेडणेकर ने की अनूठी पहल, अब दफ्तर होंगे पेपरलेस

प्रदेश की पंचायतीराज विभाग में पत्रावली और आदेश कागज पर जारी नहीं होंगे, बल्कि ई-मेल, व्हाट्स अप या विभाग की वेबसाइट पर ही जारी होंगे.

पर्यावरण को बचाने के लिए IAS  एटी पेडणेकर ने की अनूठी पहल, अब दफ्तर होंगे पेपरलेस
मेल और व्हाट्अप के इस्तेमाल पर जोर देने को कहा गया है.

जयपुर: पर्यावरण को बचाने के लिए हर दिन कई प्रयास देखने को मिलते है, लेकिन राजस्थान में पहली बार किसी सरकारी विभाग ने पेड़ों को बचाने के लिए कागज का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश जारी किए है. प्रदेश की पंचायतीराज विभाग में पत्रावली और आदेश कागज पर जारी नहीं होंगे, बल्कि ई-मेल, व्हाट्स अप या विभाग की वेबसाइट पर ही जारी होंगे.

पंचायती राज विभाग के आयुक्त आशुतोष एटी पेडणेकर ने इसकी पहल की है. जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है. अब तक यही देखने को मिलता था कि सरकारी मशीनरी में कोई भी काम बिना पेपर के नहीं होता था, लेकिन आशुतोष एटी पेडणेकर ने पंचायतीराज विभाग को अब पूरी तरह पेपरलेस करने के लिए कदम उठाया है. इस आदेश के लागू होने के बाद राज्य के सभी 33 जिलों के जिला परिषद सीईओ, पंचायत स्तर के अधिकारी कागजों में आदेश जारी नहीं करेंगे.

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कागजों का कम करें इस्तेमाल

पंचायती राज विभाग के आयुक्त ने अपने आदेश में कहा है कि विभाग में कई अनुभागों द्धारा दिन प्रतिदिन समस्त जिला परिषद,पंचायत समितियों को पत्र जारी करने होते है. प्रेषित किए जाने वाले कोई भी पत्र एक से अधिक कागज में नहीं होते है. इसको भौतिक रूप से भिजवाए जाने में कागज का इस्तेमाल किया जाता है. कागजों का अत्यधिक उपयोग वृक्षों की कटाई को बढ़ावा देता है. जिससे पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए कागजों का उपयोग सीमित करने और पर्यावरण के सरंक्षण को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जाती है कि भविष्य में पंचायतीराज विभाग की ओर से जिला परिषद,पंचायत समितियों आदेश निर्देश कागजों में नहीं दे.

RTI का जवाब देने और न्यायिक प्रकरणों में इस्तेमाल होगी हार्ड कॉपी

अब केवल सूचना का अधिकार और न्यायिक प्रकरणों में जहां हार्ड कॉपी दी जानी आवश्यक हो, सिर्फ ऐसे प्रकरणों में ही हार्ड कॉपी भिजवाई जाएगी. इसके साथ साथ विभाग ने व्हाट्स एप्प ग्रुप को भी सरकारी मान्यता देते हुए कहा है कि विभाग के निर्देशों को व्हाट्स एप्प ग्रुप पर भी डाला जाए. विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रतिदिन सभी अधिकारी अपनी मेल जरूर चेक करे. इसके साथ ही अधिकारियों को मेल और व्हाट्अप का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने को कहा गया है. 

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