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झुंझुनूं: जाट समुदाय के अनूठे सम्मेलन का होगा आयोजन, टांग छोड़ होगी हाथ खिंचाई

इस सम्मेलन का मकसद भी यही है कि अब समाज के लोग आपस में टांग खिंचाई की जगह हाथ खिंचाई कर आपस में सहयोग दें.

झुंझुनूं: जाट समुदाय के अनूठे सम्मेलन का होगा आयोजन, टांग छोड़ होगी हाथ खिंचाई
पांच हजार लोग एक जाजम पर बैठकर समाज के उत्थान को लेकर चर्चा करेंगे.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: झुंझुनूं(Jhunjhunu) के हमीरी खुर्द गांव में रविवार को 12 देशों के जाट प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इसके लिए जाट(Jaat) प्रतिनिधियों का पहुंचना शुरू हो गया है. पहली बार यह अनूठा सम्मेलन होगा. जिसमें ना तो किसी राजनीति की बात होगी और ना ही किसी आरक्षण को लेकर चर्चा की जाएगी. केवल और केवल समाज के युवाओं में कम हो रहे संस्कारों को वापिस जीवित करने और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को साथ लेकर आगे बढऩे पर चर्चा होगी. 

इस सम्मेलन का मकसद भी यही है कि अब समाज के लोग आपस में टांग खिंचाई की जगह हाथ खिंचाई कर आपस में सहयोग दें. यही नहीं इस सम्मेलन में कोई अतिथि नहीं होगा. सभी पांच हजार लोग एक जाजम पर बैठकर समाज के उत्थान को लेकर चर्चा करेंगे. यही नहीं जाट समाज, किस तरह अन्य समाजों का भला कर सकता है, उस पर भी चर्चा होगी. 

तैयारियों को दिया गया मूर्त रूप
इस अनूठे सम्मेलन की तैयारियों को मूर्त रूप दे दिया गया है. शनिवार को तैयारियों के अलावा रविवार को होने वाले कार्यक्रम को लेकर प्रेस वार्ता बुलाई गई. जिसमें दक्षिण अफ्रीका से आए प्रतिनिधि डॉ. सौदानसिंह के अलावा आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवकरण जानूं तथा जिलाध्यक्ष कृष्ण गावडिय़ा आदि ने संबोधित किया. 

संस्कारों पर होगी चर्चा
उन्होंने बताया कि समाज जिस तेज गति से आगे बढ़ रहा है. उसी तेज गति से संस्कारों का भी हनन हो रहा है. इन संस्कारों को जीवित रखने के लिए और अंतिम छोर के व्यक्ति को साथ लेने के लिए यह कार्यक्रम हो रहा है. अब तक इस तरह के सात-आठ सम्मेलन हो गए है. वहीं इसी क्रम में अगला सम्मेलन गाजियाबाद में होगा. 

प्रेस वार्ता में महासभा के राष्ट्रीय संयोजक ओमप्रकाश धनखड़ ने भी विचार रखे. समाज की महिलाओं में जागृति के लिए काम कर रही महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. कविता चौधरी, प्रदेश की महाप्रवक्ता सुभीता सीगड़ ने बताया कि यह सम्मेलन महिलाओं की उपलब्धियों को भी उजागर करेगा ताकि अन्य महिलाओं को प्रेरणा मिले. इस मौके पर जिला संयोजक संदीप राव, डॉ. महेंद्रसिंह नेहरा, वीरेंद्र डारा आदि मौजूद थे.

इस मुद्दों पर ही रहेगा फोकस
शिवकरण जानूं और कृष्ण गावडिय़ा ने बताया कि कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन देश और दुनिया में फैले समाज के लोगों को एक मंच पर लाने की कवायद है. इसमें शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण को लेकर हर किसी की भागीदारी पर चर्चा की जाएगी. सुबह सवा बजे से शुरू होने वाला यह सम्मेलन करीब पांच घंटे चलेगा. 

समरसता पर भी होगी बात
जाट समाज के साथ ही अन्य समाजों के साथ तालमेल बैठा कर सामाजिक समरसता का वातावरण बनाने पर भी सम्मेलन में जोर रहेगा. गावडिय़ा ने बताया कि इस सम्मेलन में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवनजीत सिंह बनवाला की अगुवाई में प्रस्तुत समाज सुधार के प्रस्तावों पर सहमति लेकर उन बिंदुओं पर काम करने की घोषणा की जाएगी.