राजस्थान: सदन की कार्यवाही में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, सराफ के इस बयान पर मचा बवाल

प्रताप सिंह खाचरियावास भी बहस के बीच में कूद पड़े और कहा, 'कोरोना के दौर में बीजेपी वाले घरों में बैठे रहे और लोगों के बीच तक नहीं निकले.'

राजस्थान: सदन की कार्यवाही में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, सराफ के इस बयान पर मचा बवाल
सदन में गहमागहमी का माहौल बन गया.
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शशि मोहन/जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर गहमागहमी रही. सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष की तरफ से विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि, राज्य में लोगों को राशन बंटवाने के लिए हमने भी दिया विधायक कोष से पैसा दिया, लेकिन राशन नगर निगम के जरिए बंटवाया गया. राशन बंटवाने में निगम ने भेदभाव किया है.

सराफ के बयान पर सत्तापक्ष ने जताया ऐतराज
वहीं, सराफ के आरोपों पर सत्तापक्ष ने ऐतराज जताया. सबसे पहले सराफ की बात का शांति धारीवाल ने प्रतिकार किया. इसके बाद, प्रताप सिंह खाचरियावास और हरीश चौधरी भी सरकार के बचाव में उतर आए. जबकि, विपक्ष की तरफ से गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़ के साथ अन्य विधायक भी सराफ के समर्थन में उतर आए.

सदन की कार्यवाही को किया गया स्थगित
इस दौरान, सदन में गहमागहमी का माहौल बन गया और विधानसभा की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ गया. दरअसल, कालीचरण सराफ की बात में मंत्री शांति धारीवाल ने दखल देते हुए कहा, 'आप के आरोप निराधार हैं, उन्हें वापस लो. मैं भी दूं क्या आप की तरफ से भेजी गई लिस्ट?'

खचारियावास और कटारिया में हुई तू-तू मैं-मैं
इस पर प्रताप सिंह खाचरियावास भी बहस के बीच में कूद पड़े और कहा, 'कोरोना के दौर में बीजेपी वाले घरों में बैठे रहे और लोगों के बीच तक नहीं निकले.' इसके बाद, प्रताप सिंह और गुलाबचंद कटारिया में तू-तू, मैं-मैं हो गई. इस दौरान, कटारिया ने खाचरियावास की तरफ से बांह चढ़ाने पर ऐतराज भी जताया. जबकि, धारीवाल लगातार सराफ से बयान वापस लेने की मांग करते रहे. उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी नहीं हो.

सराफ का बाहर निकालने का प्रस्ताव लाया गया
धारीवाल ने कहा,'बयान वापस नहीं लिया तो मैं आपके (सराफ) खिलाफ प्रस्ताव लाऊंगा. इसके बाद, जब कालीचरण सराफ ने अपने बयान को वापस नहीं लिया तो, धारीवाल ने सदन में सराफ को बाहर निकालने का प्रस्ताव रख दिया. उन्होंने कहा, 'विधानसभा के मौजूदा सत्र तक कालीचरण सराफ को बाहर निकाला जाए.'

इस पर एक बार फिर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने हो गए. इसी बीच विधानसभा सचिव पी के माथुर दौड़कर अपनी सीट पर पहुंचे और उन्होंने सभापति महेंद्रजीत सिंह मालवीय से बात की. फिर विधानसभा सचिव के सुझाव पर मालवीय ने आधे घंटे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

BJP नेताओं पर लगा झूठ बोलने का आरोप
जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. इस पर दोनों पक्ष में तीखी बहस हो गई. वहीं, आसन पर आए सभापति राजेन्द्र पारीक ने बोलने के लिए कालीचरण सराफ का नाम पुकारा तो, इस बीच शांति धारीवाल ने अपने प्रस्ताव का जिक्र किया और कहा, 'पहले मेरे प्रस्ताव पर फैसला दिया जाए.'

'धारीवाल को बाहर निकाल दीजिए'
इस पर सदन में फिर से टीका-टिप्पणी शुरू हो गई. इस बीच, प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि, सभी सदस्य सदन चलाना चाहते हैं. आप संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल को सदन से बार निकाल दीजिए. पूरा सदन सुचारू तरीके से चलेगा.

धारीवाल-राठौड़ के प्रस्ताव पर हुई वोटिंग की मांग
इसके बाद, सदन की कार्यवाही फिर से स्थगित कर दी गई. वहीं, राजेंद्र राठौड़ के सुझाव पर मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि, शांति धारीवाल और राजेंद्र राठौड़ दोनों के प्रस्तावों पर वोटिंग कराई जाए. जिसका प्रस्ताव पारित हो, उस पर अमल  किया जाए.

कोविड नियमों का नहीं हो रहा पालन
इधर, 1 बजकर 11 मिनट पर फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई. वहीं, विधानसभा में कोरोना पर चर्चा के दौरान रोचक नजारा दिखा. स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने 'जन जागरण अभियान' की बात कही. उन्होंने कहा,' अभियान के बावजूद भी अभी कई लोग नहीं करते गाइडलाइन का पालन. कई लोग अभी भी मास्क लगाने को आदत में नहीं कर सकें.

गहलोत-वसुंधरा ने तुरंत लगाया मास्क
इस पर सदन में कई विधायक हरकत में दिखे. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) और राजेंद्र राठौड़ ने तुरंत अपना मास्क लगाया. साथ ही, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के साथ मंत्री शांति धारीवाल और कई मंत्रियों-विधायकों ने भी मास्क लगाया.