राजस्थान: नेताओं-कार्यकर्ताओं का PCC से हुआ मोह भंग! कांग्रेस मुख्यालय पर पसरा सन्नाटा

राजनेताओं की पुण्य तिथि और जयंती के मौके पर जरूर थोड़े बहुत नेता और कार्यकर्ता नजर आते हैं. लेकिन पुष्पांजलि कार्यक्रमों के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सूना ही नजर आने लगता है.

राजस्थान: नेताओं-कार्यकर्ताओं का PCC से हुआ मोह भंग! कांग्रेस मुख्यालय पर पसरा सन्नाटा
राजस्थान कांग्रेस मुख्यालय पर सन्नाटा पसरा रहता है. (फाइल फोटो)

सुशांत पारीक/जयपुर: राजस्थान कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन के अभाव और राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार लंबा होने के चलते कांग्रेस मुख्यालय की रंगत इन दिनों फीकी नजर आ रही है. अगर कुछ नेताओं की जयंती पुण्यतिथि के कार्यक्रमों को छोड़ दें तो, अधिकांश समय पीसीसी (PCC) में केवल वहां नियुक्त कर्मचारियों की मौजूदगी ही दिखाई देती है. हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं का इंतजार जल्द खत्म होने की बात कही है.

दरअसल, सत्तारूढ़ पार्टी का मुख्यालय होने के बावजूद इन दिनों नेताओं और कार्यकर्ताओं का पीसीसी से मोह भंग होने लगा है. जिससे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सन्नाटा ही पसरा रहता है. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में महज कार्यालय कर्मचारियों के अलावा दो या तीन पूर्व पदाधिकारी ही नजर आते हैं. हालांकि, राजनेताओं की पुण्य तिथि और जयंती के मौके पर जरूर थोड़े बहुत नेता और कार्यकर्ता नजर आते हैं. लेकिन पुष्पांजलि कार्यक्रमों के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सूना ही नजर आने लगता है.

जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से नेताओं और कार्यकर्ताओं का मोह भंग होने की एक बड़ी वजह ये  है कि प्रदेश कांग्रेस में सवा सौ दिनों के बाद भी नई प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी बन पाई है. प्रदेशाध्यक्ष पद पर गोविंद सिंह डोटासरा की नियुक्ति के बाद कार्यकर्ताओं और नेताओं को उम्मीद जगी थी कि उन्हें जल्द ही नई प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान मिल जाएगा.

इसी के चलते नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ कोरोना के बावजूद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में नजर आती थी, लेकिन  सवा सौ दिन बीतने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी नहीं घोषित हो पाई है. सरकार के लगभग दो साल का समय पूरा होने के बाद भी राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होने से कार्यकर्ता और नेता हताश हैं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं कार्यकर्ताओं को जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों का तोहफा दिया जाएगा. दरअसल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पसरा सन्नाटा नगर निगम चुनाव और पंचायत चुनाव में  बरकरार रहा था. चुनावी रंगत पीसीसी में नजर नहीं आई थी.

निगम चुनाव और पंचायत चुनाव में सिंबल बांटने से लेकर परिणाम पक्ष में आने के बावजूद कोई उत्साह का माहौल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में देखने को नहीं मिला था. पीसीसी से गायब हुई रंगत की चर्चाएं इन दोनों जोरों पर हैं.