दौसा: किडनैपर समझकर कोटा पुलिस की पिटाई, पहचान पत्र देखकर भी नहीं माने ग्रामीण

सैंथल थाना क्षेत्र में हुई कोटा पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की सूचना सैंथल थाना पुलिस को मिली तो पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से कोटा पुलिसकर्मियों को बचाया. 

दौसा: किडनैपर समझकर कोटा पुलिस की पिटाई, पहचान पत्र देखकर भी नहीं माने ग्रामीण
इस दौरान पुलिसकर्मी अपना पहचान पत्र एवं पिस्टल भी दिखाते रहे, फिर भी उनकी बात पर ग्रामीणों को यकीन नहीं हुआ.

लक्ष्मी अवतार शर्मादौसा: अपहरण के एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची कोटा पुलिस (Kota Police) की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी. ये मारपीट और पुटाई वारंटी को गिरफ्तार कर ले जाते समय ग्रामीणों ने कोटा पुलिस को अपहरणकर्ता (Kidnapper) समझकर की. 

यहां सिविल वर्दी में पहुंची कोटा के भीमगंज थाने की पुलिस को ग्रामीण अपहरणकर्ता समझ बैठे. उन्होंने कोटा पुलिस के एक एएसआई और दो कांस्टेबल के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट कर दी. 

सैंथल थाना क्षेत्र में हुई कोटा पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की सूचना सैंथल थाना पुलिस को मिली तो पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से कोटा पुलिसकर्मियों को बचाया. सैंथल थाना प्रभारी रामशरण गुर्जर की मानें तो कोटा पुलिस सादी वर्दी में सैंथल थाना क्षेत्र के पीलवा गांव में अपहरण के एक वारंटी को गिरफ्तार करने आई थी लेकिन उन्होंने सैंथल थाने में इसकी कोई सूचना नहीं दी थी. कोटा पुलिस पीलवा से अपहरण के वारंटी गिर्राज प्रसाद सैनी को कार में बिठाकर अपने साथ कोटा ले जा रही थी, उसी दौरान पीलवा गांव के कुछ ग्रामीण पुलिसकर्मियों को अपहरण कर्ता समझ बैठे.

इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों की कार का पीछा किया. पीलवा से पीछा करते हुए लोग सैंथल कस्बे तक पहुंचे. वहां बैठे लोगों को पीलवा के ग्रामीणों ने गिर्राज प्रसाद सैनी का अपहरण कर ले जाने की बात बताई. इस पर सैंथल बस स्टैंड पर बैठे लोगों ने पुलिसकर्मियों की कार को वहां रुकवा लिया और पुलिसकर्मियों को कार से उतारकर उनको अपहरणकर्ता समझ कर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करना शुरू कर दिया. 

पुलिसकर्मी कहते रहे - वो किडनैपर नहीं हैं
इस दौरान कोटा के पुलिसकर्मी जोर-जोर से कहते रहे कि वह कोई अपहरण कर्ता नहीं है बल्कि कोटा के भीमगंज मंडी थाने के पुलिसकर्मी हैं और वह पीलवा से वारंटी को पकड़ कर लाए हैं लेकिन ग्रामीण नहीं मानें. ग्रामीण तब तक धक्का-मुक्की करते रहे, जब तक सैंथल थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. कोटा की भीमगंज मंडी पुलिस की टीम में एएसआई जुगल हेड कांस्टेबल देवकरण और कांस्टेबल देवव्रत थे. कोटा से आए पुलिस टीम के जवान भीड़ के आगे बार-बार हाथ जोड़कर प्रार्थना करते रहे और अपने अपने आप को पुलिसकर्मी होने की दुहाई देते रहे लेकिन भीड़ ने उनकी कोई बात नहीं सुनी.

पिस्टल और पहचान पत्र दिखाने का भी नहीं हुआ फायदा
इस दौरान पुलिसकर्मी अपना पहचान पत्र एवं पिस्टल भी दिखाते रहे, फिर भी उनकी बात पर ग्रामीणों को यकीन नहीं हुआ. इधर मौके का फायदा उठाकर कोटा पुलिस के अपहरण का वारंटी गिर्राज प्रसाद सैनी भी कार से उतर कर मौके से फरार हो गया. वहीं कोटा पुलिस ने बांदीकुई से भी एक वारंटी को गिरफ्तार किया था, उसे भी ग्रामीण अपहरण कर्ता समझकर धक्का-मुक्की करते रहे. घटना की सूचना पर दौसा पुलिस उपाधीक्षक अकलेश शर्मा भी सैंथल थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. 

कोटा पुलिस ने धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में आधा दर्जन नामजद लोगों सहित करीब दो दर्जन अन्य के खिलाफ सैंथल थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है, जिनमें से पुलिस ने कुछ धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोपियों को हिरासत में भी लिया है. पूरा घटनाक्रम शुक्रवार शाम का है.