झालावाड़: टाइगर की दहाड़ से दहशत में ग्रामीण, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बाघों की दहशत क्या होती है, ये आप मुकुंदरा हिल्स के आसपास रहने वाले लोगों से समझ सकते हैं. टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने वाले दर्जनों गांवों के लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.

झालावाड़: टाइगर की दहाड़ से दहशत में ग्रामीण, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है.

महेश परिहार, झालावाड़: जिले में फैले मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने वाले दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों ने आज मिनी सचिवालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया.  लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग को ज्ञापन सौंपा. 

ग्रामीणों की मानें तो मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में झालावाड़ जिले के लक्ष्मीपुरा, मशालपुरा, गागरोन, नोलाव और नारायणपुरा सहित 1 दर्जन से ज्यादा गांव आते हैं. यहां रहने वाले तमाम लोग ऐसे हैं, जो कई पीढ़ियों से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं. इनकी आजीविका कृषि कार्यों से चलती है. हाल ही में लंबे समय तक हुई तमाम कोशिशों के बाद क्षेत्र को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था और गागरोन रेंज में दो बाघों को भी छोड़ा गया था.

बाघों के छोड़े जाने की वजह से एक बाघ ने लक्ष्मीपुरा गांव के पास ही टेरिटरी बना रखी है. ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीणों को अपने खेतों तक जाने के लिए लगातार दहशत भरे माहौल से होकर गुजरना पड़ता है. 

मजबूरन अपनी सुरक्षा के लिए क्षेत्र के लोगों ने लाइसेंस धारी बंदूके भी ले रखी हैं, जो वो अपने पास हमेशा रखते हैं. लेकिन हाल ही में टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शिकारियों की चहल कदमी और उनकी गिरफ्तारी के बाद जहां एक ओर गिरफ्तार शिकारियों को मामूली धाराओं में गिरफ्तार कर छोड़ दिया गया था, तो वहीं दूसरी ओर वन कर्मी अब स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में बाधा पैदाकर परेशान ऊभी कर रहे हैं. 

इधर वन एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि जब तक क्षेत्र में बसे ग्रामीणों को कहीं दूसरी सुरक्षित जगह पर विस्थापित नहीं किया जाता, तब तक क्षेत्र में बसे ग्रामीणों को अपने खेतों पर आने जाने में कोई बाधा उत्पन्न न की जाए, वरना मजबूरन ग्रामीणों को उग्र प्रदर्शन करना पड़ेगा.