24 घंटे के अंदर ही कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर शुरू हुए टोल का विरोध, सड़कों पर उतरे ग्रामीण

मंडाना और आस-पास का इलाक़ा मूल तौर पर कृषि पर आधारित है. आस-पास के ग्रामीणों की मांग है कि मंडाना के आस-पास के गांवों के निजी वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली टोल से मुक्त रखे जाएं.

24 घंटे के अंदर ही कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर शुरू हुए टोल का विरोध, सड़कों पर उतरे ग्रामीण
मंडाना और आस-पास का इलाक़ा मूल तौर पर कृषि पर आधारित है.

हिमांशू मित्तल, कोटा: जिले से झालावाड़ नेशनल हाईवे (Jhalawar National Highway) 52 पर कोटा दरा के बीच बने नए फोरलेन मार्ग पर नया टोल प्लाजा मंडाना में स्थापित किया गया है. टोल बूथ को शुरू हुए फ़िलहाल 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए कि टोल को लेकर सड़क पर उतर आए हैं.

वजह ये है कि मंडाना और आस-पास का इलाक़ा मूल तौर पर कृषि पर आधारित है. आस-पास के ग्रामीणों की मांग है कि मंडाना के आस-पास के गांवों के निजी वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली टोल से मुक्त रखे जाएं.

ग्रामीणों के साथ टोल पर पहुंचे पूर्व विधायक 
पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत और आस-पास के ग्रामीण एक साथ बड़ी संख्या में टोल पर पहुंच गए और हाईवे पर शुरू हुए टोल को लेकर विरोध जताया. राजावत ने कहा कि उनका विरोध स्पष्ट है कि वो टोल का विरोध नहीं बल्कि स्थानीय वाहनों से लिए जा रहे टोल का विरोध कर रहे हैं.

15 दिन की दी चेतावनी
पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने टोल प्रबंधन को 15 दिन की चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि स्थानीय निजी ओर ट्रेक्टर ट्रोली को टोल से मुक्त किया जाए ताकि किसानों और मेहनत करने वाले स्थानीय लोगों पर भार न पड़े. राजावत ने ये भी साफ़ किया कि अगर 15 दिन में इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो टोल के विरोध में सभी ग्रामीण न केवल विरोध करेंगे बल्कि आंदोलन भी शुरू कर देंगे.