COVID 19: कोरोना के खिलाफ जंग में ग्रामीणों ने कराया मुंडन, बताई यह वजह

बुजुर्गों की राय पर पूरा गांव एकजुट हुआ और तय किया गया कि यदि यह तमाम युवा और बच्चे नाई की दुकान पर पहुंचे, तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा.

COVID 19: कोरोना के खिलाफ जंग में ग्रामीणों ने कराया मुंडन, बताई यह वजह
गांव में संक्रमण की रोकथाम के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं.

अजमेर/मनवीर सिंह: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के खिलाफ पूरी दुनिया एक बड़ी लड़ाई लड़ रही है. इसी बीच, अजमेर में कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने के लिए पूरा गांव ही गंजा हो गया. यहां के तमाम युवा और बच्चों ने अपना सिर इसलिए मुंडवा लिया ताकि नाई की दुकान से संक्रमण ना फैले.

दरअसल, अजमेर के निकट मायापुर के बाशिंदों ने देश में लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा होने के साथ ही, तय किया कि पूरा गांव इस  कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा. गांव में  कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं. इसी बीच, गांव के लोगों का ध्यान इस बात की तरफ भी गया कि युवाओं के बाल बढ़ रहे हैं.

ऐसे में बुजुर्गों की राय पर पूरा गांव एकजुट हुआ और तय किया गया कि यदि यह तमाम युवा और बच्चे नाई की दुकान पर पहुंचे, तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाएगा. साथ ही,  कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा. इसके चलते तमाम ग्रामवासियों ने अपने बाल खुद ही काट लिए और गंजे हो गए. ग्रामीणों का तर्क यह भी है कि हिंदू धर्म में किसी की मौत के बाद बाल दिए जाने की परंपरा है. साथ ही यह पूरा गांव कोरोना वायरस के खात्मे के लिए अपने बाल दे रहा है.
 
इतना ही नहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए ग्रामीणों ने तय किया है कि लॉकडाउन की अवधि में किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसके लिए ग्रामीणों द्वारा गांव में प्रवेश के हर मार्ग पर युवाओं की टीम को तैनात किया गया है. यह टीम गांव में प्रवेश की चाह रखने वाले हर व्यक्ति को गांव की सीमा पर ही रोक देती है.

वहीं, यदि आवश्यक होती है तो संबंधित व्यक्ति को गांव की सीमा तक लाकर ही बाहरी शख्स से मिलवाया जाता है. अन्यथा बाहर से आने वाले व्यक्ति को लॉकडाउन की अवधि में गांव में प्रवेश नहीं करने की हिदायत देकर रवाना कर दिया जाता है. मायापुर ग्रामवासियों की इस मुहिम की चर्चा पूरे जिले में है और लोग इस बात की तारीफ कर रहे हैं कि गांव में एक राय होकर कोरोना के खिलाफ किलेबंदी की है.