राजस्थान यूनिवर्सिटी में अटके वायवा होंगे शुरू, ये होगा प्रोसेस

कोरोना संकट के चलते राजस्थान यूनिवर्सिटी में अटके हुए पीएचडी के वायवा अब फिर से शुरू हो सकेंगे.

राजस्थान यूनिवर्सिटी में अटके वायवा होंगे शुरू, ये होगा प्रोसेस
फाइल फोटो

जयपुर: कोरोना संकट के चलते राजस्थान यूनिवर्सिटी में अटके हुए पीएचडी के वायवा अब फिर से शुरू हो सकेंगे. यूजीसी की गाइडलाइन के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी अब पीएचडी के वायवा ऑनलाइन माध्यम से लेगी, जिससे आसानी से वायवा की प्र​क्रिया पूरी हो सके और एक्सर्टनल एग्जामिनर की उपलब्धता भी ऑनलाइन माध्यम में आसानी से हो सकेगी. 

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यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति डॉ जेपी यादव के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ जेपी यादव ने बताया कि कोरोना के चलते पीएचडी के वायवा वोइस अटक गए थे. क्योंकि वायवा वोइस के लिए एक्सर्टनल एग्जामिनर लॉकडाउन के चलते नहीं आ पा रहे थे. 

ऐसे में अब ऑनलाइन माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पीएचडी वायवा लिए जाएंगे. इसके लिए संबंधित विभाग को कम से कम एक सप्ताह पहले तैयारी करते हुए इसकी सूचना एग्जामिनर समेत जरूरी स्थानों पर भेजनी होगा. 

कुलपति डॉ. जेपी यादव ने बताया कि यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक गूगल, स्काइप, माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी के साथ अन्य विश्वसनीय माध्यमों के जरिए पीएचडी वायवा लिए जाएंगे.

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