जयपुर: निचले इलाकों में भरा पानी, लोगों ने ली छतों पर शरण

राजधानी जयपुर शहर में 5 घंटे की बारिश ने सरकारी दावे और वादों की कलई खोलकर रख दी है. 

जयपुर: निचले इलाकों में भरा पानी, लोगों ने ली छतों पर शरण
पानी निकासी के लिए मड़पम कम होने के कारण निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है

जयपुर: राजधानी जयपुर शहर में 5 घंटे की बारिश ने सरकारी दावे और वादों की कलई खोलकर रख दी है. जयपुर शहर के निचले इलाकों में पानी के डूबे हुए हैं. कच्ची बस्तियों में घरों में पानी भरा हुआ है. प्रशासन ने लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. 

पानी निकासी के लिए मड़पम कम होने के कारण निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है. लोग खुद ही जद्दोजहद करके पानी निकालने का काम कर रहे हैं. जो मकान पानी में पूरी तरीके से डूब गए हैं उनके परिवार के सदस्यों ने घरों की छतों पर डेरा डाल रखा है. 

ये भी पढ़े: सियासी घमासान के बाद सचिन पायलट पहुंचे जयपुर, ज़ी मीडिया से की खास बातचीत

बस प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाए. जब चुनाव आते हैं तो नेता वादे करते हैं और जब पानी भरता है तो प्रशासन के अफसर स्थाई समाधान की बात करके आगे निकल जाते हैं.

साथ ही आपको बता दें कि राजस्थान में आगामी चार-पांच दिन तक मानसून सक्रिय रहने से कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. जयपुर मौसम केंद्र के प्रभारी निदेशक आर. एस. शर्मा ने बताया कि, 13-14 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के आसपास एक दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.

इसके प्रभाव से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी तथा राज्य के कुछ स्थानों पर 13-14 अगस्त को भारी बारिश एवं कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि, पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा तथा उदयपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी तथा एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है.

ये भी पढ़े: राजस्थान में सियासी गतिरोध खत्म होने के बाद बागी विधायकों को लेकर CM बड़ा बयान...