झालावाड़: गलती से भी कार्तिक पूर्णिमा पर न लगाएं चंद्रभागा नदी में डुबकी, जानिए वजह

झालरापाटन नगर पालिका ने पिछले दिनों कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर पशुपतिनाथ मंदिर के पास चंद्रभागा नदी (Chandrabhaga River) की सफाई का कार्य शुरू करवाया था, लेकिन कर्मचारियों ने सफाई के नाम पर औपचारिकता मात्र पूरी की.

झालावाड़: गलती से भी कार्तिक पूर्णिमा पर न लगाएं चंद्रभागा नदी में डुबकी, जानिए वजह
जलकुंभी से चर्म रोग फैलने का भी खतरा बना रहेगा.

महेश परिहार, झालावाड़: जिले के झालरापाटन शहर स्थित चंद्रभागा नदी (Chandrabhaga River) में कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के अवसर पर 12 नवंबर को सैकड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे, लेकिन झालरापाटन नगर पालिका प्रशासन अभी तक इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं दिखाई दे रहा. हालात ये हैं कि चंद्रभागा नदी में हर तरफ जलकुंभी फैली दिखाई दे रही है.

झालरापाटन नगर पालिका ने पिछले दिनों कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर पशुपतिनाथ मंदिर के पास चंद्रभागा नदी (Chandrabhaga River) की सफाई का कार्य शुरू करवाया था, लेकिन कर्मचारियों ने सफाई के नाम पर औपचारिकता मात्र पूरी की.

भूतेश्वर मंदिर (Bhuteshwar Mandir) मार्ग की ओर नदी के अधिकांश हिस्से में अभी भी जलकुंभी फैली दिखाई दे रही है. इससे कल चंद्रभागा नदी (Chandrabhaga River) में कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, वहीं नदी में फैली जलकुंभी से चर्म रोग फैलने का भी खतरा बना रहेगा.

उधर चंद्रभागा नदी (Chandrabhaga River) के प्रमुख घाटों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान छोड़े गए लोहे के नुकीले सरिये भी श्रद्धालुओं के लिए किसी खतरे से कम नहीं दिखाई दे रहे, लेकिन प्रशासन इन सब से आंखें मूंदें बैठा है.