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जवाई बांध में अब डेड स्टोरेज से दिया जाएगा पानी, जलदाय विभाग ने शुरू की तैयारियां

जवाई बांध में पानी नहीं बचा तो विभाग ने डेड स्टोरेज से पानी दिया जाएगा. जिसके लिए जलदाय विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. 

जवाई बांध में अब डेड स्टोरेज से दिया जाएगा पानी, जलदाय विभाग ने शुरू की तैयारियां
फिलहाल पाली शहर में चार दिन में एक घंटा पानी की सप्लाई दी जा रही है.

सुभाष रोहिसवाल/पाली: जोधपुर के पानी की लाइफ लाइन जवाई बांध की सांसे वेंटिलेटर पर है. पाली जिले के लोगों का पेयजल को लकर क्या होगा, इंसान सोचकर ही सहम उठता है. पूरा बांध खाली हो चुका है, जिले के सभी बांध भी खाली हो चुके है. अब डेड सरटोरेज से पानी की सप्लाई की जा रही है. वो भी 96 घंटे के अंतराल में ये तो पाली शहर की बात है. ग्रामीणों के हालात तो और भी बदतर है, लेकिन सरकारी महकमे के अधिकारी और जिले के हाकम मानों कुम्भकरण की नींद में सो रहे है. 

वहीं, रेल से पानी मंगाने की बात करने वाले जलदाय विभाग के दावे भी खोखले साबित हुए. धरातल पर कही से नहीं लग रहा की रेल से पानी मंगाने के लिए जलदाय विभाग चिंतित है. एक बात तो तय है की एक दो दिन में इंद्रदेव मेहरबान नहीं हुए तो शहर ही नहीं जिले में पानी के लिए त्राहि त्राहि मचेगी. 

जवाई बांध में पानी नहीं बचा तो विभाग ने डेड स्टोरेज से पानी दिया जाएगा. जिसके लिए जलदाय विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. पाली की जीवन रेखा है जवाई बांध, बरसों से जोधपुर की प्यास बुझाता रहा पाली, लेकिन आज पाली खुद एक घूंट पानी के लिए तरस रहा है. जवाई बांध को राजनेताओं ने अपनी राजनीति का अखाड़ा बनाकर रख दिया. किसी भी पार्टी की सरकार आयी हो, जवाई बांध से मीठा पानी देने के वाडे पर गांवों को बांध से जोड़ते गए. किसी भी सरकार ने ये नहीं सोचा की अपने वोट बैंक के फेर में जवाई में पानी कहां से आएगा. राज्य सरकार की बात करें तो उनके लिए भी पाली में पेयजल कोई गंभीर समस्या नहीं लग रही. 

वहीं डेड स्टोरेज के पानी की सप्लाई को लेकर पाली शहर में चार दिन में एक घंटा पानी देना शुरू किया गया है. विभाग की इसी लापरवाही ने पानी माफियाओ की चांदी कर दी. कई बार जिला प्रशाशन को पानी माफियाओं के बारे में शिकायकर करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला. यहां तक कि अब पानी माफिया सरकारी तालाब के साथ साथ निजी कुओं से भी पानी बेच रहे है. 

पानी को लेकर जिस तरह के हालात यहां हैं उससे तो यही लगता की आने वाले दिन पाली शहर के लिए संकट के दिन है. 96 घंटे के अंतराल में पेयजल की आपूर्ति के बाद लोग रात रातभर जगकर पानी का इन्तजार करते लेकिन तब भी पानी मिल नहीं रहा. वहीं जब जवाई बांध को लेकर जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेश अग्रवाल बताया की जिले में पानी की ऐसी कोई समस्या नहीं है, पर्यापत पानी है. जहां थोड़ी समस्या आर ही वहां हैण्डपम्प और नलकूपों से सप्लाई दी जा रही है. अब साहब को कौन समझाए की एसी में बैठकर कागजों में आंकड़े लिखने और तैयारियों से लोगों की प्यास नहीं बुझेगी, इसके लिए धरातल पर ही कुछ करना होगा.