जुलाई 2021 तक बाड़मेर-जैसलमेर जिले के 695 गांवों पहुंचेगा पानी, लगभग काम पूरा

जैसलमेर जिले के 695 गांवों को नहरी पानी मुहैया करवाने के लिए वर्ष 2012 में बाड़मेर लिफ्ट कैनाल परियोजना की शुरूआत की गई थी.

जुलाई 2021 तक बाड़मेर-जैसलमेर जिले के 695 गांवों पहुंचेगा पानी, लगभग काम पूरा
प्रतीकात्मक तस्वीर

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: जैसलमेर जिले के 695 गांवों को नहरी पानी मुहैया करवाने के लिए वर्ष 2012 में बाड़मेर लिफ्ट कैनाल परियोजना की शुरूआत की गई थी. जिले में प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है और द्वितीय चरण का भी 40 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है. अब जुलाई 2021 तक बाड़मेर-जैसलमेर जिले के 695 गांवों तक बाड़मेर लिफ्ट कैनाल का पानी मुहैया करवाया जाएगा.

ये भी पढ़ें: राजस्थान विधानसभा सत्र को लेकर सस्पेंस समाप्त, इस दिन से शुरू होगी सदन की कार्यवाही

वर्ष 2008 में मोहनगढ़ से शुरू हुई बाड़मेर कैनाल लिफ्ट परियोजना का लक्ष्य 2021 तक गांव-गांव ठाणी-ठाणी तक नहरी पानी मुहैया करवाना है. प्रथम चरण के तहत आधारभूत संरचना के लिए 688.66 करोड़ रुपए की लागत से मोहनगढ़ में आरडब्ल्यूआर व 172 एमएलडी का डब्ल्यूडी का डब्ल्यूटीपी, बाड़मेर तक 196 किमी पाइप लाइन, मोहनगढ़ एवं भागू का गांव में पंप हाऊस, कुम्हारों की ढाणी उत्तरलाई एवं बाड़मेर शहर में एमबीआर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है. 

इसके तहत बाड़मेर शहर, सैन्य प्रतिष्ठान, उत्तरलाई, जालीपा,जसाई एवं जैसलमेर को लाभांवित किया गया है. प्रथम चरण में 728.69 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. अब द्वितीय चरणों में 1030 करोड़ की लागत से परियोजना के लिए चयनित जिले के 695 गांवों में जुलाई 2021 तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है. इसके लिए जीरो पॉइंट पर नए पंप हाऊस एवं स्काडा सिस्टम और कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य प्रगति पर है. उसके बाद ऑफिस से ही पूरे जिले की पेयजल स्कीम परियोजना को नियंत्रित किया जा सकेगा. 

द्वितीय चरण के तहत भाडखा-चोखला-बांदरा इस्ट परियोजना के तहत बाड़मेर जिले के 171 गांव लाभांवित होंगे. जिसमें से बाड़मेर के 40,बायतु के 128 एवं पचपदरा विधानसभा क्षेत्र के 3 गांव शामिल है. इस योजना का 41 प्रतिशत कार्य कर 86 गांवों को आंशिक रूप से लाभांवित किया जा चुका है. बीच में संवेदक द्वारा शर्तो के मुताबिक कार्य नहीं करने के कारण कार्यादेश निरस्त कर दिया गया था. इसके बाद अब यह कार्य दिल्ली की जेडब्ल्यूआईएल इंफ्रा लिमिटेड को दिया गया. इस कार्य के लिए 112.53 करोड़ खर्च किए जाएगे. जून 2020 तक 84.19 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं जबकि जुलाई 2021 तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है.

बाड़मेर-रावतसर-खरंटिया परियोजना के तहत जिले के 67 गांव जिसमें बाड़मेर विधानसभा के 50, बायतु के 17 गांव शामिल हैं. इसके लिए 109.70 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है. वर्तमान में 72 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य चल रहा है. परियोजना का कार्य दिसंबर 2020 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है. इससे अब तक 60 गांवों को सतही पेयजल से आंशिक लाभांवित कर दिया है. जून 2020 तक 84.19 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं. इसी तरह केकड़ी-शिव-भाडखा-बाड़मेर परियोजना के तहत जिले के 286 गांव लाभांवित किए जाने हैं. 

बाड़मेर विधानसभा के 121 गांव,  बायतु के 03, शिव के 132 गांव एवं रामसर के 30 गांव शामिल हैं. इस परियोजना पर 7 सौ करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसकी वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति जारी की जा चुकी है. इसका 44 फीसदी कार्य पूर्ण किया जा चुका है. इसी वर्ष के अंतिम सप्ताह में कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है. जून 2020 तक इस कार्य में 217.77 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं.

बाड़मेर स्थित जीरो पॉइंट पर नया पंप हाऊस,दो स्काडा सिस्टम एवं मास्टर कंट्रोल रूम ऑफिस निर्माणाधीन है. यहां मोनिटरिंग के लिए एक -एक एईएन की ड्यूटी लगेगी. सारा कार्य कम्प्यूटराइज्ड होगा और  यहीं से पानीं की सप्लाई शुरू और बंद की जाएगी. अब जल्द ही थार वासियों को बाड़मेर लिफ्ट कैनाल का पानी उपलब्ध हो सकेगा.

ये भी पढ़ें: Covid-19 और अमेरिका-चीन के बीच तनाव का असर, रोज नए रिकॉर्ड पर सोने-चांदी की कीमतें