भारत का एकमात्र मंदिर, जहां सृष्टि के रचयिता की होती है पूजा

Published by: Arti Patel | 04 Sep, 2025

यह मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है.मान्यता है कि इसका निर्माण स्वयं आदि शंकराचार्य ने करवाया था, जिसका बाद में जीर्णोद्धार किया गया.

Published by: Arti Patel | 04 Sep, 2025

यह मंदिर लाल रंग के ऊंचे शिखर और एक विशाल मंडप से बना है. इसकी दीवारों पर विभिन्न देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं के चित्र अंकित हैं.

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मंदिर पुष्कर झील के पवित्र घाटों पर स्थित है.

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पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने पुष्कर में एक यज्ञ (हवन) का आयोजन किया था.

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 तब उनकी पत्नी सावित्री समय पर नहीं पहुंचीं, तो उन्होंने एक स्थानीय ग्वालिन गायत्री से विवाह कर यज्ञ पूरा किया. 

Published by: Arti Patel | 04 Sep, 2025

इससे क्रोधित होकर देवी सावित्री ने ब्रह्मा को श्राप दिया कि उनकी पूजा केवल पुष्कर में ही होगी.

Published by: Arti Patel | 04 Sep, 2025

मंदिर के गर्भगृह में भगवान ब्रह्मा की चतुर्मुख (चार मुख वाली) प्रतिमा स्थापित है.  

Published by: Arti Patel | 04 Sep, 2025

यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Published by: Arti Patel | 04 Sep, 2025

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