राजस्थान में कहां है अढ़ाई दिन का झोपड़ा, क्या है इसकी खासियत?

Jun 24, 2025, 07:34 AM IST

Ansh Raj

अढ़ाई दिन का झोपड़ा राजस्थान के अजमेर में स्थित है. यह एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का स्थल है, जो अपनी अनोखी वास्तुकला और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए प्रसिद्ध है. 

यह अपनी विशिष्ट वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है.

यह मस्जिद लगभग 800 साल पुरानी है, जिसका निर्माण कुतुब-उद-दीन ऐबक ने मोहम्मद गोरी के आदेश पर करवाया था.

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस स्थल पर पहले एक विशालकाय संस्कृत कॉलेज था, जिसे बाद में मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया.

इस मस्जिद का निर्माण हेरात के अबू बक्र द्वारा किया गया था, जिसमें हिंदू राजमिस्त्री और मजदूरों ने अलंकृत संरचना का निर्माण किया और भारतीय वास्तुशिल्प विशेषताओं को बरकरार रखा.

1947 तक यह एक मस्जिद के रूप में जानी जाती थी, लेकिन अब इस पर विवाद बना रहता है और इसका ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को लेकर चर्चा होती रहती है.

मोहम्मद गोरी ने अपने सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक को आदेश दिया कि इस स्थल पर एक सुंदर मस्जिद बनाई जाए.

गोरी ने इस कार्य के लिए मात्र 60 घंटे यानी ढाई दिन का समय दिया था. ढाई दिन में पूरी इमारत तोड़कर नई निर्माण करना संभव नहीं था, इसलिए मौजूदा ढांचे में थोड़े बदलाव करके इसे मस्जिद बना दिया गया.

इस मस्जिद का नाम "अढ़ाई दिन का झोपड़ा" इसी समय सीमा के कारण पड़ा, जो आज भी इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है.

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