राजस्थान का 'जलियांवाला बाग', जहां 1500 से अधिक आदिवासियों ने दी शहादत

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

राजस्थान और गुजरात की सीमा पर, बांसवाड़ा से 85 किमी दूर  स्थित मानगढ़ धाम एक ऐतिहासिक स्थल है.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

 इसे राजस्थान के 'जलियांवाला बाग' के नाम से जाना जाता है, यहां पर 1500 से अधिक आदिवासी शहीद हुए थे.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

 यह स्थान 1913 के नरसंहार के कारण 'राजस्थान के जलियांवाला बाग' के नाम से प्रसिद्ध है.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

यह स्थान आदिवासी स्वतंत्रता आंदोलन के संत गोविन्द गुरु की कर्मस्थली माना जाता है.

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17 नवंबर 1913 को, अंग्रेजों ने गोविन्द गुरु के नेतृत्व में सभा कर रहे 1500 राष्ट्रभक्त आदिवासियों पर निर्ममतापूर्वक गोलियां चलाईं.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

हर साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर यहां एक विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

 इस मेले में राजस्थान ही नहीं, बल्कि गुजरात और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

मानगढ़ धाम केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उन आदिवासी शहीदों की वीरता और बलिदान का प्रतीक है.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

जिन्होंने अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.

Published by: Arti Patel | 28 Jun, 2025

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