क्या आपने ‘राजस्थान का खजुराहो' देखा है?

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

बाड़मेर, राजस्थान के पश्चिमी छोर पर थार रेगिस्तान में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर है. यह अपनी अनूठी लोक कला, हस्तशिल्प और जीवंत संस्कृति के लिए जाना जाता है.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

लेकिन क्या आप जानते हैं, यहां पर एक ऐसा मंदिर है जिसे 'राजस्थान का खजुराहो' भी कहा जाता है, ये अपने कामुक और जटिल मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध हैं.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

ये मंदिर बाड़मेर शहर से 35 किलोमीटर की दूरी पर, थार रेगिस्तान के रेतीले टीलों के पास स्थित हैं.

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इन मंदिरों का निर्माण वास्तुकला की सोलंकी शैली में किया गया है, जो इसकी भव्यता को दर्शाती है.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

ये सभी मंदिर मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित हैं. इन मंदिरों का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ माना जाता है.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

 पांच मंदिरों में से सोमेश्वर मंदिर सबसे बड़ा और सबसे अद्भुत है, जो अपनी भव्यता और मूर्तियों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

यहां की दीवारों पर बनी कामुक और अलंकृत मूर्तियों के कारण इन्हें अक्सर 'राजस्थान का खजुराहो' कहा जाता है.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

यहां एक प्राचीन मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद कोई भी व्यक्ति पत्थर में बदल सकता है, इसलिए यहां दिन में ही दर्शन किए जाते हैं.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Published by: Arti Patel | 18 Aug, 2025

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