डूंगरपुर में एक दूसरे पर लोगों ने क्यों फेंके दनादन कंडे, देखें तस्वीरें

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

होली तो लोगों ने बहुत खेली होगी लेकिन , क्या आपने सागवाड़ा की ये अनोखी परंपरा देखी है.

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा के कटारवाड़ा में कंडो की राड खेली गई. कटारवाडा समेत आसपास क्षेत्र के लोग ढोल कुंडी की थाप पर गैर खेलते हुए इकट्ठे हुए. 

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

इसके बाद युवाओं की 2 टोलियो में बंट गए. कंडो की राड के लिए दोनों तरफ कंडो के ढेर रख दिए गए. 

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

देखते ही देखते युवाओं की दोनों टोलियों ने एक दूसरे पर कंडे मारना शुरू कर दिया. सड़क पर जहां देखो वहा कंडे फेल गए. 

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

इस दौरान कंडो की मार से कुछ लोगों को चोटें भी आई. वहीं, काफी संख्या में लोग देखने पहुंचे. कंडो की राड़ के बाद ढोल कुंडी की थाप पर गैर नृत्य भी खेला गया.

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

राजस्थान में कंडों की राड होली के त्यौहार पर खेली जाने वाली एक अनूठी और पारंपरिक लोक-परंपरा है, जिसमें युवा दो टोलियों में बंटकर एक-दूसरे पर गोबर के कंडे (उपले) बरसाते हैं.

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

यह आयोजन मुख्य रूप से ढोल-कुंडी की थाप पर गैर नृत्य के साथ होता है, जो कटारवाड़ा और सागवाड़ा के अन्य हिस्सों में मनाया जाता है.

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

यह आयोजन दर्शाता है कि आधुनिकता के दौर में भी वागड़ के लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों और साहसिक परंपराओं को पूरी शिद्दत से संजोए हुए हैं.

Published by: Arti Patel | 06 Mar, 2026

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