श्रीगंगानगरी किन्नू की मिठास के आगे नागपुर का संतरा भी भरता है पानी, देश ही नहीं विदेश में भी होती है डिलीवरी

Ansh Raj
Feb 03, 2025

श्रीगंगानगर में पैदा होने वाले किन्नू अपनी मिठास के लिए प्रसिद्ध हैं और संतरों से भी मीठे होते हैं.

किन्नू की पैदावार के लिए किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें उत्पादन और बाजार में बिक्री शामिल हैं.

श्रीगंगानगरी किन्नू की अपनी विशिष्ट पहचान है और इसकी मांग देश के दूर-दूर के इलाकों में है.

किन्नू के कारण श्रीगंगानगर की पहचान बनी है और इसे गंगानगरी किन्नू के नाम से जाना जाता है.

किन्नू को बाग से उत्पादन से लेकर प्लेट तक पहुँचने में कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है.

किन्नू की वैक्सिंग और ग्रेडिंग की जाती है जिससे इसकी गुणवत्ता बढ़ जाती है.

श्रीगंगानगरी किन्नू को तमिलनाडु, मदुरै, केरला, आंधप्रदेश, विजयवाड़ा, महाराष्ट्र, नासिक, उत्तर प्रदेश सहित बांग्लादेश तक भेजा जाता है.

किन्नू के एक्सपोर्ट को लेकर पिछले कुछ समय से व्यापारियों के साथ काफी दिक्कतें आ रही हैं.

किन्नू की खेती से श्रीगंगानगर की अर्थव्यवस्था में भी योगदान होता है.

श्रीगंगानगरी किन्नू की मांग देश के दूर-दूर के इलाकों में होने से किसानों को अच्छी आय होती है.

श्रीगंगानगरी किन्नू की मांग देश के दूर-दूर के इलाकों में होने से किसानों को अच्छी आय होती है.

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