राजस्थान की शान है ये पेड़, तपती गर्मी में भी हमेशा रहता है हरा-भरा
Aman Singh
Mar 21, 2025
साल में कभी ना कभी सारे वृक्ष सूख जाते हैं, उनके पत्ते भी सूखकर झड़ने लगते हैं.
लेकिन एक पेड़ ऐसा भी है, जो पूरे साल में कभी नहीं सूखता. बारहों महीने इसके हरे-भरे पत्ते इसकी डाल पर लगे रहते हैं.
हम बात कर रहे हैं खेजड़ी के पेड़ की. जिसे शमी के पेड़ के नाम से भी जाना जाता है. राजस्थान में इसे खेजड़ी, जांट/जांटी या सांगरी का पेड़ कहते हैं.
खेजड़ी के पेड़ ज्यादातर थार के मरुस्थल एवं अन्य रेतीले क्षेत्रों में पाए जाते हैं. रेगिस्तान में रहने वाले लोगों के लिए यह एक जीवनदायी पेड़ है.
धरती को पिघला देने वाली गर्मी में भी ये पेड़ रेगिस्तान के लोगों और वहां के जानवरों को धूप से बचाता है और ठंडी छांव देता है.
खेजड़ी का पेड़ भीषण गर्मी में भी हरा-भरा रहता है. जब रेगिस्तान में भीषण अकाल पड़ता है तब भी ये पेड़ जानवरों के खाने के लिए चारा देता है.
लोग इसके फूल और फल को भी खाते हैं. इसके फूल को मींझर कहा जात है और इसके फल को सांगरी कहते हैं.
इस पेड़ के फल के सूखने के बाद उसे खोखा बोलते हैं। जो सूखा मेवा होता है.
रेगिस्तान में रहने वाले लोगों के लिए यह पेड़ इतना महत्व रखता है कि लोग इस पेड़ को बचाने के लिए अपनी गर्दन कटा देते हैं, लेकिन इस पेड़ को नहीं कटने देते हैं.