सावन में ही क्यों खाया जाता है घेवर ? क्या है इसके पीछे का कारण..

Jun 30, 2025, 06:04 PM IST

Arti Patel

घेवर राजस्थान की एक शाही मिठाई है, जो मुख्यत: सावन या तीज त्यौहारों पर बनाई जाती है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे खासकर सावन में ही क्यों खाया जाता है?  

घेवर राजस्थान की एक जालीदार और मीठी मिठाई है, विशेष रूप से सावन के महीने में ही बाजारों में नजर आती है.

सावन में वातावरण में नमी बढ़ जाती है,जिससे दूसरी मिठाइयां खराब हो सकती हैं.

वहीं घेवर की खासियत है कि नमी से यह और अधिक मुलायम और स्वादिष्ट हो जाता है.

यह एक ऐसी मिठाई है जो मानसून के अनुकूल है. इसकी बनावट और स्वाद इस मौसम में सबसे बेहतर लगता है.

आयुर्वेद के अनुसार, घेवर वात और पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है. सावन में वात और पित्त बढ़ सकते हैं, ऐसे में यह मिठाई शरीर को सही रखता है.

घी, जो घेवर की मुख्य सामग्री है, मानसून के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.

सावन में पड़ने वाले तीज और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों पर घेवर यहां की एक पारंपरिक मिठाई है.

VIEW ALL