राजस्थान में बच्चों के लिए दी जाने वाली खांसी की एक दवा अब जानलेवा साबित हो रही है. इस सिरप को पीने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसमें दो मासूम बच्चों की मौत भी शामिल है.
यह मामला डेक्सट्रोमेथॉर्फ़न नामक खांसी के सिरप से जुड़ा है. यह एक एंटीट्यूसिव दवा है, जिसका उपयोग सिर्फ खांसी को अस्थायी रूप से रोकने के लिए किया जाता है, न कि उसके कारण को ठीक करने के लिए.
बच्चों के स्वास्थ्य पर इस दवा के दुष्प्रभाव सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं हैं. सीकर के अलावा, श्रीमाधोपुर, भरतपुर और जयपुर में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बच्चों की हालत बिगड़ी है.
हैरान करने वाली बात यह है कि जिस सिरप से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है, उसकी आपूर्ति इसी साल जून में गुणवत्ता जांच के बाद शुरू हुई थी. यह प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
जिस कंपनी ने इस सिरप को बनाया है, उसकी एक और दवा पहले भी 'मानक के अनुरूप नहीं' (नॉट ऑफ स्टैंडर्ड) पाई गई थी, जो कंपनी की गुणवत्ता नियंत्रण पर संदेह पैदा करता है.