उनका कहना है कि बेरिकेड्स लगाने से भगवान और भक्तों के बीच दूरी बढ़ गई है, और पूरी परिक्रमा करने से पहले ही बैरियर लगा दिए गए हैं, जिससे उनकी श्रद्धा को ठेस पहुंच रही है.
श्रद्धालुओं का कहना है कि "यह ठाकुरजी का मंदिर है, कोई प्रयोगशाला नहीं." मंदिर प्रबंधन से नई व्यवस्था को तुरंत बंद करने की मांग की गई, जिसके बाद मौके पर पुलिस ने पहुंचकर समझाइश की.